स्वास्थ्य और बीमारियां

मिल गया दिमाग का वो हिस्सा, जो दूसरों की मदद करने को करता है प्रेरित

वैज्ञानिकों ने दिमाग के एक खास हिस्से को खोज निकाला है जो दूसरों की मदद करने की इच्छा से जुड़ा होता है। बर्मिंघम और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि वेंट्रोमीडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (vmPFC) नामक यह क्षेत्र दूसरों की मदद करने या ‘समाजिक’ व्यवहार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। vmPFC दिमाग के ठीक सामने स्थित होता है, जिसे निर्णय लेने और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जाना जाता है।

शोधपत्र में टीम ने बताया, “यह समझना कि दिमाग ‘मदद करने’ के फैसले कैसे लेता है, जलवायु परिवर्तन, संक्रामक रोग और अंतरराष्ट्रीय संघर्ष जैसी बड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए लोगों को प्रेरित कर सकता है। यह सामाजिक व्यवहार से जुड़े विकारों के इलाज के नए तरीके खोजने के लिए भी जरूरी है।”

प्रमुख लेखक प्रोफेसर पेट्रीसिया लॉकवुड ने कहा, “दूसरों की मदद करना हमारे लिए फायदेमंद होता है, लेकिन इसमें अक्सर मेहनत भी लगती है और इंसान आमतौर पर मेहनत से बचना चाहता है। यह समझना बेहद जरूरी है कि दिमाग दूसरों की मदद करने के इस फैसले को कैसे लेता है, जिसमें मेहनत भी शामिल है।”

अध्ययन में शामिल किये गये 40 स्वस्थ लोग

यह शोध उस अध्ययन का हिस्सा है जिसमें दिमाग के उस खास हिस्से को नुकसान पहुंचे हुए रोगियों पर अध्ययन किया गया था। टीम ने ऐसे 25 रोगियों को शामिल किया जिनके vmPFC को नुकसान पहुंचा था, साथ ही दिमाग के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचे 15 रोगियों को भी शामिल किया गया। इनके अलावा 40 स्वस्थ लोगों को भी अध्ययन में शामिल किया गया।

अध्ययन में भाग लेने वालों को एक प्रयोग पूरा करना था जहां उनकी मुलाकात किसी अज्ञात व्यक्ति से कराई गई। इसके बाद उन्होंने एक निर्णय लेने का काम पूरा किया। इस काम में यह मापा गया कि वे अपना कितना शारीरिक बल लगाकर (एक ग्रिप फोर्स डिवाइस को दबाकर) अपने और उस अज्ञात व्यक्ति के लिए इनाम (बोनस राशि) कमाने को तैयार हैं।

नतीजों से क्या पता चला

नतीजों से पता चला कि vmPFC दूसरों की मदद करने की इच्छा के लिए जरूरी है क्योंकि जिन रोगियों के vmPFC को नुकसान पहुंचा था वे दूसरों की मदद करने में कम इच्छुक थे। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन से दूसरों की मदद करने की इच्छा को समझने के अलावा समाज-विरोधी व्यक्तित्व जैसी मानसिक बीमारियों के इलाज के नए तरीके विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।

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