Ginger in Winter: सर्दियों में अदरक का एक टुकड़ा चबाने से मिलते हैं ये फायदे, जानिए


Ginger In Winter: हमारे किचन में ही सेहत और कई समस्याओं का हल छुपा है. खासकर एक चीज से हम अपनी सेहत को दोगुना बेहतर बना सकते हैं, वो है अदरक. इसकी तीखी स्वाद के पीछे कई हेल्थ सीक्रेट्स छुपे हैं. अगर आप रोज एक छोटा अदरक का टुकड़ा चबाने की आदत डाल लें तो सिर्फ 60 दिनों में अपने शरीर में कमाल के बदलाव देखेंगे. खासकर पाचन और सांस से जुड़ी समस्याओं में अदरक बहुत अच्छा असर दिखाता है.
60 दिनों में होने वाले बदलाव | Ginger In Winter
अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भरपूर होते हैं. रोज एक छोटा टुकड़ा चबाने से ये गुण धीरे-धीरे शरीर पर असर करते हैं. ये आदत धीरे-धीरे गले की दर्द को कम करती है, सांस की नली की मांसपेशियों को आराम देती है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है. छह से आठ हफ्तों में कई लोगों में साफ बदलाव नजर आते हैं.
खांसी कम होती है, पाचन अच्छा होता है और पेट फूलने जैसी परेशानियां दूर हो जाती हैं. मौसम बदलने या प्रदूषण से बार-बार परेशान होने वालों के लिए अदरक बहुत फायदेमंद है. यह सांस की नली को तुरंत राहत देता है और अंदर की सूजन और परेशानी को कम करता है. इससे फेफड़ों की सेहत भी बेहतर होती है.

क्या यह फेफड़ों के लिए अच्छा है? | Ginger In Winter
रोज अदरक खाने से सांस की प्रणाली को फायदा मिलता है, लेकिन यह दवा की तरह तुरंत फेफड़ों को साफ नहीं करता. धीरे-धीरे काम करता है और गले में खराश जैसी समस्याओं से राहत देता है. ठंडी हवा से होने वाली सांस की दिक्कतें कम हो सकती हैं, और प्रदूषण से होने वाली जलन से भी राहत मिलती है. अदरक में मौजूद प्राकृतिक गर्मी सर्दी या इन्फेक्शन के समय जमे हुए बलगम को पतला करके बाहर निकालने में मदद करती है. लेकिन जिन लोगों को अस्थमा या सीओपीडी जैसी पुरानी समस्याएं हैं, वे डॉक्टर की दवाएं बंद किए बिना इसे सिर्फ सपोर्ट के तौर पर ही इस्तेमाल करें.
सावधानियां और साइड इफेक्ट्स | Ginger In Winter
अदरक काफी सुरक्षित है, लेकिन रोज़ लेने से पहले कुछ बातें ध्यान में रखना जरूरी है. अगर ज्यादा या बड़ा टुकड़ा चबाया जाए तो साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. इससे मुंह में जलन, एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अदरक में खून पतला करने की भी खासियत होती है. इसलिए जो लोग खून पतला करने की दवा लेते हैं, या जिन्हें एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस, अल्सर जैसी दिक्कतें हैं, उन्हें रोज़ अदरक लेने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए.
अदरक को सीमित मात्रा में लेना बहुत जरूरी है. अंगूठे के बराबर एक छोटा टुकड़ा या 2-3 पतले टुकड़े काफी हैं. जब आप ये आदत अपनाते हैं तो कितनी मात्रा ले रहे हैं और आपका शरीर कैसे रिएक्ट कर रहा है, ये सबसे जरूरी है. शरीर के संकेतों को ध्यान से देखना चाहिए. अगर आपको सीने में जलन महसूस हो तो मात्रा कम कर दें या कच्चा अदरक चबाना बंद कर दें. इसकी जगह गुनगुने पानी में अदरक डालकर पीना बेहतर है.





