Health Tips: लोहे की कढ़ाई में भूलकर भी न पकाएं ये चीजें, जानलेवा हो जायेगा खाना!


Health Tips in Hindi: भारतीय रसोइयों में लोहे की कढ़ाई का उपयोग सदियों से किया जा रहा है, और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी इसे बेहतरीन माना जाता है। लोहे के बर्तनों में खाना पकाने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि भोजन में प्राकृतिक रूप से आयरन के अंश मिल जाते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने और एनीमिया (खून की कमी) से बचाने में सहायक होते हैं। हालांकि हर प्रकार का भोजन इस कढ़ाई में पकाने के लिए उपयुक्त नहीं होता।
कुछ खाद्य पदार्थों की रासायनिक प्रकृति लोहे के साथ मिलकर ‘रिएक्शन’ कर सकती है, जिससे न केवल भोजन का स्वाद और रंग बदल जाता है, बल्कि यह फूड पॉइजनिंग और स्किन इंफेक्शन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण भी बन सकता है। इसलिए आगर आप लोहे की कढ़ाई में भोजन पकाते हैं तो यह जानना जरूरी है कि किन चीजों को लोहे की कढ़ाई में नहीं पकाना चाहिए।
खट्टी चीजें और एसिडिक रिएक्शन (इमली, टमाटर, नींबू) | Health Tips in Hindi
इमली, टमाटर या नींबू जैसी खट्टी चीजों वाली ग्रेवी को लोहे की कढ़ाई में कभी नहीं बनाना चाहिए। इन पदार्थों में प्राकृतिक एसिड होता है जो लोहे के साथ तुरंत प्रतिक्रिया करता है। इससे भोजन में धातु का स्वाद आ जाता है और यह पाचन तंत्र को खराब कर सकता है। खटास के कारण लोहा अधिक मात्रा में भोजन में घुल जाता है, जो शरीर के लिए टॉक्सिक हो सकता है।
दूध और दही से बनी चीजें (कढ़ी, खीर, कस्टर्ड) | Health Tips in Hindi
दूध और दही से बने व्यंजन जैसे कढ़ी, मठा-आलू, खीर या कस्टर्ड को लोहे के बर्तन में पकाने से बचना चाहिए। लोहे की कढ़ाई में ‘अनइवेन हीट’ (असमान तापमान) होती है, जिसके कारण दही या दूध फट सकता है। इसके अलावा, लोहे के कारण सफेद दिखने वाले इन व्यंजनों का रंग काला या मटमैला हो जाता है, जिससे इनका स्वाद और पोषक तत्व दोनों ही प्रभावित होते हैं।
राजमा, छोले और अधकचरे भोजन का खतरा | Health Tips in Hindi
अक्सर लोग राजमा और छोले लोहे की कढ़ाई में बनाते हैं। लोहे की कढ़ाई हर तरफ से एक समान गर्म नहीं होती, जिससे ये भारी अनाज कहीं से पक जाते हैं और कहीं से कच्चे रह जाते हैं। आधा पका हुआ राजमा या छोले खाने से पेट में ब्लोटिंग और गैस की गंभीर समस्या हो सकती है। बेहतर होगा कि इन्हें प्रेशर कुकर या स्टेनलेस स्टील के बर्तनों में पकाएं।
वेनेगर (सिरका) युक्त चाइनीज फूड | Health Tips in Hindi
आजकल घरों में बनने वाले चाउमिन और पास्ता जैसे व्यंजनों में वेनेगर (सिरका) का भरपूर इस्तेमाल होता है। सिरका एक तीव्र एसिड है जो लोहे की सतह के साथ बहुत तेजी से रिएक्ट करता है। यह रिएक्शन भोजन को असुरक्षित बना देता है। डॉक्टर की सलाह है कि ऐसे किसी भी भोजन के लिए जिसमें वेनेगर डालना हो, लोहे के बजाय नॉन-स्टिक या स्टील के बर्तनों का ही चुनाव करें।





