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Pharmacist Adhikar Diwas 2026: यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन का स्थापना दिवस, रक्तदान शिविर का आयोजन

स्वैच्छिक रक्तदान कर जीवन बचाने का लें संकल्प:  डॉ. कजली गुप्ता

Pharmacist Adhikar Diwas 2026: रक्त का कोई विकल्प नहीं है, शैक्षिक रक्तदान के लिए हम सभी को आगे आना चाहिए। स्वास्थ्य कर्मियों को आम जनता के बीच फैली हुई मिथ को तोड़ना आवश्यक है, रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं होती बल्कि व्यक्ति स्वस्थ होता है। ये बातें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल हॉस्पिटल लखनऊ की निदेशक डॉ. कजली गुप्ता ने कहीं। दरअसल, अस्पताल परिसर में फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष व चीफ फार्मेसिस्ट सुनील यादव के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडे व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसआर सिंह ने कहा कि रक्तदान बहुत पुनीत कार्य है, इससे एक व्यक्ति तीन लोगों की जान बचा सकता है। साथ ही फार्मासिस्ट अधिकार दिवस के अवसर पर यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के सदस्यों ने चिकित्सालय में मरीजों को फल वितरण किया।

फार्मेसिस्ट अधिकार दिवस के रूप में मनाया गया यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन का स्थापना दिवस

वहीं, इस अवसर पर पूरे देश में फार्मेसी स्टूडेंट नेटवर्क (पीएसएन)बनाए जाने की घोषणा भी की गई जिसमें उत्तर प्रदेश के फार्मेसी छात्रों का नेटवर्क डेवलप किया जाएगा। स्थापना दिवस के कार्यक्रम में चीफ फार्मासिस्ट व फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने सभी फार्मासिस्टों को अपडेट रहने की सलाह दी और कहा कि एडीआर, साइड इफेक्ट, डोज, प्रयोग, इंटरेक्शन की जानकारी सभी को होनी चाहिए जिससे जनता का फायदा हो सके। अर्बन आरोग्य मंदिर में फार्मेसिस्ट की नियुक्ति, रोजगार का सृजन सहित 14 सूत्रीय अनुरोध के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए युवा फार्मासिस्टों ने यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के स्थापना दिवस को ‘फार्मेसिस्ट अधिकार दिवस’ के रूप में मनाया।

Pharmacist Adhikar Diwas 2026: रक्त का कोई विकल्प नहीं है, शैक्षिक रक्तदान के लिए हम सभी को आगे आना चाहिए। स्वास्थ्य कर्मियों को आम जनता के बीच फैली हुई मिथ को तोड़ना आवश्यक है, रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं होती

क्या है फार्मासिस्ट की भूमिका?

वहीं, सुनील यादव ने कहा कि फार्मासिस्ट दवाओं के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में मदद करते हैं और रोगियों को निर्धारित उपचार, औषधि लेने का तरीके आदि के पालन के महत्व के बारे में शिक्षित करते हैं। फार्मासिस्ट की पहुंच और विशेषज्ञता सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, रोग निवारण अभियानों का समर्थन करने और जेनेरिक दवाओं की सिफारिश के माध्यम से रोगियों के लिए लागत प्रभावी समाधान प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष आदेश कृष्ण, महासचिव देवेंद्र कुमार के अनुसार देश में 42000 से अधिक फार्मेसिस्ट शिक्षण संस्थान हैं, जहां प्रतिवर्ष लाखों फार्मेसिस्ट डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर, पीएचडी, डॉक्टर ऑफ फार्मेसी के रूप में प्रशिक्षित हो रहे हैं। यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन की तरफ से प्रदेश के सभी फार्मासिस्ट कालेजों में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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