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Archana Puran Singh: क्या है सीआरपीएस, जिसका शिकार हो गई हैं अर्चना पूरन सिंह?

Archana Puran Singh: मशहूर अभिनेत्री और टीवी जज अर्चना पूरन सिंह इन दिनों एक गंभीर और दर्दनाक बीमारी से जूझ रही हैं। बेटे आयुष्मान ने हाल ही में एक पोस्ट में बताया कि उनकी मां एक दुर्लभ स्वास्थ्य समस्या का शिकार हैं। उन्हें कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम (सीआरपीएस) की दिक्कत है। अपनी मां के बारे में बात करते हुए आयुष्मान ने कहा, उनके लिए साल 2025 सबसे मुश्किल रहा है। उनका हाथ टूट गया था और उन्हें सीआरपीएस नाम की एक दुर्लभ बीमारी हो गई, जिसका मतलब है कि उनका हाथ अब कभी पहले जैसा नहीं हो पाएगा।  अब लोगों के मन में सवाल है कि आखिर कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम क्या है जिसे इतना खतरनाक माना जाता है?

कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम के बारे में जानिए? | Archana Puran Singh

कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम (सीआरपीएस) एक तरह के क्रॉनिक दर्द की समस्या है जो आमतौर पर हाथ या पैर को प्रभावित करता है। ये दिक्कत अक्सर किसी चोट, सर्जरी, स्ट्रोक या हार्ट अटैक के बाद होती है। विशेषज्ञों के अनुसार सीआरपीएस आपके सेंट्रल या पेरिफेरल नर्वस सिस्टम में खराबी के कारण होता है। आपका सेंट्रल नर्वस सिस्टम (जिसमें आपका दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड शामिल हैं) आपके दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड से आपके अंगों, हाथों, पैरों, उंगलियों और पैर की उंगलियों तक संदेश या सिग्नल पहुंचाता है। ऐसे में इसमें होने वाली गड़बड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। विशेषज्ञ अभी तक इस समस्या को पूरी तरह से समझ नहीं पाए हैं।

इसमें किस तरह की दिक्कतें होती हैं? | Archana Puran Singh

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सीआरपीएस के लक्षण समय के साथ बदल सकते हैं और हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। हालांकि दर्द, सूजन, लालिमा और अत्यधिक संवेदनशीलता (खासकर ठंड और छूने पर) इसमें सबसे आम हैं। समय के साथ, प्रभावित अंग ठंडा और पीला पड़ सकता है। इसमें त्वचा और नाखूनों में बदलाव के साथ-साथ मांसपेशियों में ऐंठन और कसाव भी हो सकता है। एक बार जब ये बदलाव हो जाते हैं, तो यह स्थिति अक्सर ठीक नहीं हो पाती।

  • हाथ-पैर में जलन या तेज दर्द की समस्या।

  • छूने या ठंड के प्रति संवेदनशीलता

  • दर्द वाली जगह पर सूजन

  • त्वचा के तापमान में बदलाव जैसे कभी पसीना आना और कभी ठंडा होना

  • त्वचा का सफेद और धब्बेदार से लेकर लाल या नीला होना

  • जोड़ों में जकड़न या सूजन और नुकसान

  • मांसपेशियों में ऐंठन, कंपन और कमजोरी (एट्रोफी)

  • शरीर के प्रभावित हिस्से को हिलाने की क्षमता में कमी

क्या है इसका इलाज और बचाव का तरीका | Archana Puran Singh

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर किसी को ये दिक्कत हो गई है तो शुरुआत में ही इलाज शुरू करना जरूरी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये दिक्कत समय के साथ कई जटिलताएं बढ़ा देती है। इसके अलावा, इलाज न होने पर दर्द आमतौर पर बढ़ता जाता है जिससे हाथ या पैर जैसे प्रभावित अंगों को हिलाना-डुलाना भी मुश्किल हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर किसी को गंभीर चोट लगी है तो कुछ सावधानियां बरतकर आप सीआरपीएस की समस्या से बच सकते हैं।

अगर हाथ या कलाई टूट गई है तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन-सी सप्लीमेंट्स लें। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग कलाई टूटने के बाद विटामिन-सी की डोज लेते हैं, उनमें सीआरपीएस होने का खतरा उन लोगों की तुलना में कम होता है जिन्होंने विटामिन सी नहीं लिया। कुछ रिसर्च से पता चलता है कि जो लोग स्ट्रोक के बाद जल्दी चलना-फिरना शुरू कर देते हैं उनमें भी सीआरपीएस होने का खतरा कम हो जाता है।

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