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Sleep Paralysis: क्या आपको भी नींद में महसूस होता है ‘भूत’ का साया? जान लें क्या है कारण

Causes of Sleep Paralysis: अक्सर रात के सन्नाटे में अचानक नींद खुलने पर ऐसा महसूस होता है कि शरीर पूरी तरह पत्थर सा हो गया है। आप चिल्लाना चाहते हैं, हाथ-पांव हिलाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा लगता है जैसे किसी भारी साये ने आपको जकड़ रखा है। सदियों से लोग इसे ‘भूत’ का साया या किसी बुरी शक्ति का हमला मानते आए हैं, लेकिन विज्ञान की भाषा में इस डरावने अनुभव को ‘स्लीप पैरालिसिस’ कहा जाता है। यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें मस्तिष्क तो जाग जाता है, लेकिन शरीर की मांसपेशियां अभी भी गहरी नींद में रहती हैं।

दरअसल जब हम सपने देखते हैं, तो हमारा दिमाग शरीर को ‘लकवाग्रस्त’ कर देता है ताकि हम असलियत में हाथ-पांव न चलाएं। यह इसलिए होता है ताकि हम सपने में जो देख रहे हैं, उसे असलियत में न करने लगें (जैसे सपने में दौड़ रहे हैं, तो बिस्तर पर लात-पांव न चलाने लगें)। अब स्लीप पैरालिसिस की समस्या तब होती है जब जागने व सोने के बीच का संतुलन बिगड़ जाता है।

क्यों महसूस होते हैं डरावने साये और दबाव? | Causes of Sleep Paralysis

स्लीप पैरालिसिस के दौरान मतिभ्रम होना बहुत सामान्य है। जब व्यक्ति जाग जाता है लेकिन हिल नहीं पाता, तो उसका मस्तिष्क ‘फाइट या फ्लाइट’ मोड में चला जाता है। अत्यधिक डर के कारण दिमाग आस-पास की छाया को किसी इंसान या साये के रूप में देखने लगता है। छाती पर भारी दबाव महसूस होना श्वसन मांसपेशियों के अस्थायी रूप से रिलैक्स होने के कारण होता है, जिसे प्राचीन लोककथाओं में ‘चुड़ैल की सवारी’ कहा जाता था।

स्लीप पैरालिसिस के पीछे की मुख्य वजहें क्या हैं? | Causes of Sleep Paralysis

ऐसा होने होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण नींद की कमी और अनियमित ‘स्लीप साइकिल’ है। अत्यधिक तनाव, मानसिक चिंता, पीठ के बल सोना और कुछ विशेष दवाओं का सेवन इस स्थिति को बढ़ा सकता है। अगर आप शिफ्ट में काम करते हैं या आपका सोने का समय हर दिन बदलता है, तो मस्तिष्क और शरीर का तालमेल बिगड़ने की संभावना अधिक हो जाती है, जिससे स्लीप पैरालिसिस की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

इस डरावनी स्थिति से बचने के लिए क्या करें? | Causes of Sleep Paralysis

विज्ञान कहता है कि स्लीप पैरालिसिस जानलेवा नहीं है, केवल डरावना है। इससे बचने के लिए प्रतिदिन 7-9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना जरूरी है। सोते समय करवट लेकर लेटने का प्रयास करें, क्योंकि पीठ के बल लेटने पर इसके मामले अधिक देखे जाते हैं। शाम के समय कैफीन और अल्कोहल से परहेज करें और सोने से पहले रिलैक्सेशन तकनीक या ध्यान का सहारा लें।

डर को विज्ञान से जीतें और डॉक्टर से परामर्श लें | Causes of Sleep Paralysis

स्लीप पैरालिसिस कोई अलौकिक घटना नहीं, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल अवस्था है। देखा जाए तो इस विषय के बारे में सही जानकारी होना ही डर का सबसे बड़ा इलाज है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है और आपकी दिनचर्या को प्रभावित कर रही है, तो यह ‘नारकोलेप्सी’ या किसी अन्य स्लीप डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलें और अपने लक्षणों के बारे में विस्तार से बताकर परामर्श लें।

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