Hidden Cancer Risks: आपकी ये 5 छोटी आदतें भी हैं कैंसर की जिम्मेदार! जानें


Hidden Cancer Risk: कैंसर के बारे में सोचते हैं तो दिमाग में सबसे पहले बड़े और डरावने जोखिम आते हैं. यानी वे खतरे जिन पर साफ चेतावनी लिखी होती है, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि यह पूरी तस्वीर नहीं है. कैंसर का खतरा अक्सर धीरे-धीरे बनता है, रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों और एक्सपोजर के जरिए, जिन पर हम शायद ही ध्यान देते हैं. थोड़ा प्रदूषण, सनस्क्रीन न लगाना, नींद की कमी, प्रोसेस्ड फूड ज्यादा खाना, ये सब उस समय गंभीर नहीं लगते, इसलिए अनदेखे रह जाते हैं.
माइक्रो–एक्सपोजर की चर्चा कम | Hidden Cancer Risk
डॉक्टर बताते हैं कि कैंसर के बारे में आम बातचीत में इन ‘माइक्रो-एक्सपोजर’ की चर्चा कम होती है. ये इतने दिखते नहीं होते कि डर पैदा करें, लेकिन रोजाना मौजूद रहते हैं और समय के साथ असर जमा करते रहते हैं. उदाहरण के लिए वायु प्रदूषण, गाड़ियों के धुएं, निर्माण की धूल और ईंधन के दहन से निकलने वाले सूक्ष्म कण PM2.5 लंग्स की गहराई तक पहुंच सकते हैं. लंबे समय तक इनके संपर्क में रहना, यहां तक कि नॉन-स्मोकर्स में भी, लंग्स के कैंसर के जोखिम से जुड़ा पाया गया है. एक दिन का असर मामूली लगता है, लेकिन वर्षों में यह जमा हो जाता है. इसी तरह अल्ट्रावायलेट किरणें. समुद्र तट पर तेज धूप से सनबर्न होने पर लोग सतर्क हो जाते हैं, लेकिन रोजाना की हल्की धूप ऑफिस आना-जाना, दोपहिया चलाना, आउटडोर एक्सरसाइज अक्सर नजरअंदाज हो जाती है. लगातार हल्का यूवी नुकसान त्वचा की सेल्स में डीएनए बदलाव बढ़ा सकता है.
हमारी लाइफस्टाइल का भी होता है असर | Hidden Cancer Risk
एक्सपर्ट बताते हैं कि खानपान भी अहम है. प्रोसेस्ड मीट, ज्यादा शराब, लगातार अधिक शुगर और उससे जुड़ी मोटापा, ये रातोंरात असर नहीं दिखाते, लेकिन शरीर में सूजन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और हार्मोनल बदलाव ऐसा माहौल बनाते हैं जिसमें असामान्य सेल्स पनप सकती हैं. नींद और सर्कैडियन रिद्म का बिगड़ना भी अब शोध का विषय है. नाइट शिफ्ट, कम नींद और अनियमित दिनचर्या मेलाटोनिन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकती है, जो कुछ कैंसर के जोखिम से जुड़ी पाई गई है.
कैसे कर सकते हैं बचाव? | Hidden Cancer Risk
हर एक्सपोजर बीमारी में नहीं बदलता, क्योंकि शरीर में डीएनए रिपेयर और इम्यून सिस्टम जैसी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था होती है. लेकिन जब छोटे-छोटे जोखिम परत दर परत जुड़ते हैं, तब उनका महत्व बढ़ जाता है. नियमित सनस्क्रीन, घर में बेहतर वेंटिलेशन, प्रोसेस्ड मीट कम करना, शराब सीमित रखना, पर्याप्त नींद लेना और लंबे समय तक बैठने से बचना, समय के साथ जोखिम घटा सकते हैं. कैंसर अक्सर किसी एक बड़े फैसले से नहीं, बल्कि वर्षों की आदतों से आकार लेता है. इसलिए छोटी लेकिन लगातार सही पसंदें लंबी अवधि में बड़ा फर्क ला सकती हैं.





