Breathlessness: सिर्फ थकान नहीं है सांस फूलना, सीढ़ियां चढ़ते समय इन बातों पर दें ध्यान


Breathlessness: सीढ़ियां चढ़ना रोजमर्रा की जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा लगता है, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक यह छोटी-सी गतिविधि दिल की सेहत के बारे में काफी कुछ बता सकती है. जब हम सीढ़ियां चढ़ते हैं तो शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है. ऐसे में दिल तेजी से धड़कने लगता है और मसल्स तक खून पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करता है. यह प्रक्रिया सामान्य है, लेकिन असली संकेत इस बात से मिलता है कि सीढ़ियां चढ़ने के बाद शरीर कितनी जल्दी सामान्य स्थिति में लौटता है.
इससे क्या पहचान सकते हैं आप? | Breathlessness
कार्डियोलॉजिस्ट इसे हार्ट रेट रिकवरी यानी दिल की धड़कन के सामान्य होने की गति कहते हैं. अगर सीढ़ियां चढ़ने के बाद सांस और दिल की धड़कन जल्दी सामान्य हो जाए, तो यह अच्छे कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस का संकेत माना जाता है. लेकिन अगर सांस लंबे समय तक फूलती रहे या दिल की धड़कन सामान्य होने में ज्यादा समय लगे, तो यह दिल और ब्लड वेसल्स पर बढ़ते दबाव का संकेत हो सकता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट? | Breathlessness
कई लोग यह समझ नहीं पाते कि सीढ़ियां चढ़ने जैसी साधारण गतिविधि भी हार्ट की सेहत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकती है. उनका कहना है कि जब हम सीढ़ियां चढ़ते हैं तो शरीर को अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है, इसलिए दिल की धड़कन बढ़ना स्वाभाविक है. लेकिन अगर शरीर को सामान्य होने में जरूरत से ज्यादा समय लगता है, तो यह दिल और व्लड बेसल्स के सही तरीके से काम न करने का संकेत हो सकता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि दिल की रिकवरी स्पीड इस बात पर निर्भर करती है कि दिल खून को कितनी कुशलता से पंप कर रहा है, धमनियां ऑक्सीजन को कितनी आसानी से शरीर तक पहुंचा रही हैं और मांसपेशियां उस ऑक्सीजन का कितना सही उपयोग कर पा रही हैं. अगर इस प्रक्रिया का कोई भी हिस्सा प्रभावित होता है, तो शरीर को सामान्य स्थिति में लौटने में ज्यादा समय लग सकता है.
क्यों हो रही है दिक्कत? | Breathlessness
आधुनिक लाइफस्टाइल भी इस समस्या की बड़ी वजह बन रही है. लंबे समय तक बैठकर काम करना, असंतुलित खान-पान, धूम्रपान, तनाव और कम फिजिकल एक्टिविटी धीरे-धीरे दिल और व्लड बेसल्स को कमजोर कर सकते हैं. इससे आर्टरीज सख्त होने लगती हैं और खून का फ्लो प्रभावित होता है. हालांकि हर बार सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, थकान, डिहाइड्रेशन या कम फिटनेस के कारण भी ऐसा हो सकता है. लेकिन अगर सीढ़ियां चढ़ने के बाद लंबे समय तक सांस फूलना, सीने में दबाव, चक्कर आना या अत्यधिक थकान महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.





