New Born babies Care: बच्चों से जुड़े इन मिथकों से रहें सावधान, जानें कैसे रखने बच्चे का ख्याल


New Born Babies: नवजात शिशुओं से जुड़ी समाज में कई आम धारणाएं प्रचलित हैं, जैसे आटे की लोई फेरने से शरीर के बाल हट जाते हैं और रगड़-रगड़ कर मालिश करने से हड्डियां मजबूत होती हैं। हालांकि, डॉक्टरों के अनुसार ये दोनों ही दावे पूरी तरह मिथक हैं और इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, इसलिए लोगों को इन पर बिल्कुल भरोसा नहीं करना चाहिए। आइए, इस विषय को और विस्तार से समझते हैं। नवजात शिशुओं के शरीर पर पाए जाने वाले बालों को लैनुगो हेयर कहा जाता है। ये बाल बहुत महीन, नरम और हल्के रंग के होते हैं। ये गर्भ में ही शिशु के शरीर पर विकसित होते हैं और अपने बेहद सॉफ्ट टेक्सचर के कारण सामान्य बालों से अलग नजर आते हैं। आमतौर पर ये पीठ, कंधों, माथे और कानों के आसपास नजर आते हैं। कुछ मामलों में ये हाथ-पैर या चेहरे के अन्य हिस्सों पर भी हल्के रूप में दिखाई दे सकते हैं। यह पूरी तरह सामान्य स्थिति है।
त्वचा को करते हैं सुरक्षित | New Born Babies
इन बालों का मुख्य काम शिशु की त्वचा की सुरक्षा करना होता है। ये वर्निक्स (सफेद क्रीमी परत) को त्वचा पर बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे स्किन सुरक्षित रहती है। गर्भ में यह परत बच्चे को पानी और संक्रमण से बचाने में सहायक होती है। अधिकतर मामलों में ये बाल जन्म से पहले ही झड़ जाते हैं। हालांकि, अगर जन्म के समय मौजूद हों, तो आमतौर पर 2 से 4 हफ्तों के भीतर अपने आप गिर जाते हैं। इसके लिए किसी इलाज या खास देखभाल की जरूरत नहीं होती। नवजात शिशु की त्वचा बेहद नाजुक होती है। ऐसे में बच्चों के शरीर पर मौजूद लैनुगो हेयर को हटाने के लिए अगर कोई माता-पिता या अन्य परिवारजन का आटे की लोई या किसी भी चीज से रगड़ते हैं, तो इससे उनकी त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है और उसका नेचुरल प्रोटेक्टिव ऑयल भी कम कर सकता है। इसके कारण शिशु की त्वचा में जलन, लालिमा, चकत्ते और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, साथ ही बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।
हड्डियां नहीं होती मजबूत | New Born Babies
कुछ लोग मानते हैं कि नवजात शिशु की मालिश रगड़-रगड़ कर या जोर लगाकर करने से उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं, लेकिन यह सोच गलत है। मालिश का मुख्य उद्देश्य बच्चे को आराम देना और पेरेंट्स के साथ उसकी बॉन्डिंग मजबूत करना होता है। साथ ही, शिशु की हड्डियां और मांसपेशियां बेहद कोमल और विकासशील अवस्था में होती हैं, इसलिए ज्यादा दबाव डालकर मालिश करने से बच्चे को निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
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-दर्द हो सकता है
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-मांसपेशियों में चोट लग सकती है
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-जोड़ों को नुकसान पहुंच सकता है
नाक ऊपर उठाने से नहीं सुधरता शेप | New Born Babies
कुछ लोगों को विश्वास यह भी है कि मालिश के दौरान बच्चे की नाक को ऊपर की ओर उठाने से उसका आकार सुधर जाता है या वह सही शेप में आ जाती है। लेकिन वास्तव में नाक का आकार जेनेटिक्स से तय होता है। उसे दबाने से बच्चे को दर्द हो सकता है, नाक की कार्टिलेज को चोट लग सकती है और सूजन भी हो सकती है। इसलिए यह धारणा पूरी तरह गलत है।
गर्दन खींचने से वह लंबी नहीं होती | New Born Babies
इसी तरह यह धारणा भी गलत है कि मालिश के दौरान बच्चे की गर्दन को ऊपर की ओर खींचने से वह लंबी हो जाती है। गर्दन की लंबाई और बनावट भी जेनेटिक्स से ही तय होती है। उसे खींचने से गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है, नाजुक अंगों को चोट लग सकती है और बच्चे के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
कैसे करनी चाहिए बच्चे की मालिश | New Born Babies
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-हमेशा कोमल हाथों से मालिश करें।
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-सिर और गर्दन को हमेशा सपोर्ट दें।
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-हल्का बेबी ऑयल इस्तेमाल करें।
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-मरोड़ने, खींचने या जोर से स्ट्रेच करने से बचें।
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-अगर बच्चा असहज महसूस करे तो तुरंत मालिश बंद कर दें।
पेरेंट्स और अन्य हमेशा रखें ध्यान | New Born Babies
पारंपरिक तरीके अक्सर प्यार और देखभाल से जुड़े होते हैं, लेकिन नवजात शिशु की देखभाल हमेशा वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही करनी चाहिए। शिशु की त्वचा, हड्डियां और इम्यून सिस्टम बहुत नाजुक होते हैं, इसलिए उनके लिए जेंटल हैंडलिंग, साफ-सफाई और आराम सबसे ज्यादा जरूरी होता है।





