Dangerous Malaria: मलेरिया कब बन जाता है जानलेवा? जानिए बचाव के लिए क्या करें


Dangerous Malaria: मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है। यह एनोफिलीज मादा मच्छर के काटने से होता है। आमतौर पर यह मच्छर बरसाती मौसम में अधिक पनपते हैं। इनमें प्लाज्मोडियम परजीवी होता है, जो मच्छर के काटने के बाद खून में मिल जाता है। अधिकतर यह शाम के समय काटते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को मलेरिया से बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है। मलेरिया एक खतरनाक बीमारी है। हर साल इसकी वजह से कई लोग मारे जाते हैं। मलेरिया की रोकथाम और बचाव के लिए हर साल 25 अप्रैल को वर्ल्ड मलेरिया डे मनाया जाता है। इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग अलग हो सकते हैं, समय रहते सही उपचार न होने के कारण इसका जोखिम बढ़ सकता है।
मलेरिया का जोखिम | Dangerous Malaria
मलेरिया का बुखार मधुमेह, कैंसर, एचआइवी मरीजों समेत बच्चों के लिए भी घातक हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से परामर्श के बाद ही दवा लें। बता दें, इन बीमारियों में प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। एचआईवी संक्रमित मरीजों के लिए मलेरिया घातक हो सकता है, वहीं किशोरों के विकासशील मस्तिष्क के लिए ये हानिकारक हो सकता है। प्लाज्मोडियम नामक पैरासाइट शरीर में रक्त द्वारा प्रवेश कर के गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में ये मस्तिष्क के लिए हानिकारक हो सकता है।
मलेरिया होने पर क्या करें? | Dangerous Malaria
यदि आप इस बीमारी से ग्रस्त हैं, तो आपको माइक्रोन्यूट्रिएंट्स वाली चीजों का अधिक सेवन करना चाहिए। ताजे फलों का रस, नारियल पानी, ग्लूकोज का पानी पीना चाहिए। ये तरल पदार्थ शरीर से मलमूत्र के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं। इससे तेजी से ठीक होने की संभावना रहती है। हल्दी भी लाभकारी हो सकती है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट और रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, जो हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालते हैं। हालांकि, सर्वप्रथम आपको डॉक्टर से जांच करानी चाहिए तथा बताई गई दवा का सेवन करना चाहिए।
मलेरिया से बचाव के उपाय | Dangerous Malaria
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सामान्य तौर पर मलेरिया के मच्छर अधिक समय तक रुके पानी में पनपते हैं, इसलिए सप्ताह में एक बार पानी से भरी टंकी, मटके, कूलर को सुखा कर फिर दोबारा साफ पानी भरें। इससे मच्छर के पैदा होने की आशंका कम होती है। वहीं घरों के अंदर डी. डी .टी. जैसे कीटनाशकों का छिडकाव कराना चाहिए। डी. डी .टी. (“डाईक्लोरो-डाईफेनाइल-ट्राईक्लोरोइथेन) मच्छरों को नष्ट करने में सहायता कर सकती है। अपने आस-पास के गड्ढों, नालियों, पानी की टंकियों और गमले में पानी इकट्ठा न होने दें। भोजन बनाने वाली जगहों को भी साफ रखें।
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समय-समय पर मच्छरों की रोकथाम के लिए टेमोफास दवाई को नालियों में डलवाते रहें। कई बार कुछ जगहों पर पानी एकत्रित होने से नहीं रोका जा सकता, ऐसे में उस स्थान पर मिट्टी का तेल या जला हुआ तेल (मोबिल ऑयल) छिड़कें।
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मलेरिया के मच्छर अधिकतर शाम में काटते हैं। इस दौरान शरीर के अधिकांश हिस्से को ढकने से इसका बचाव किया जा सकता है। यदि बारिश हो रही है, तो बरसाती पानी को जमा ना होने दें। इसमें मलेरिया के जीवाणु पैदा होने का खतरा अधिक रहता है।




