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World Sight Day 2026: बच्चों का स्क्रीन टाइम कितना होना चाहिए? जानें सही समय और देखभाल के तरीके

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World Sight Day 2026: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, टैबलेट, कंप्यूटर और टीवी बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक, बच्चे कई घंटे स्क्रीन के सामने बिताते हैं। ऐसे में माता-पिता के लिए यह समझना जरूरी है कि बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम कितना होना चाहिए और लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर क्या असर पड़ सकता है। विश्व दृष्टि दिवस 2026 के मौके पर बच्चों की आंखों की सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ाना और भी जरूरी हो जाता है। इस साल विश्व दृष्टि दिवस 8 अक्तूबर को मनाया जाएगा और वैश्विक अभियान ‘लव योर आइज़’ यानी अपनी आंखों का ख्याल रखने पर जोर दे रहा है। ऐसे में जानिए बच्चों का स्क्रीन टाइम कितना होना चाहिए और आंखों को सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता किन बातों का ध्यान रखें।

बच्चों का स्क्रीन टाइम कितना होना चाहिए? | World Sight Day 2026

छोटे बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम को सीमित रखना जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2 से 4 साल की उम्र के बच्चों के लिए बैठकर स्क्रीन देखने का समय एक घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए; इससे कम समय बेहतर माना जाता है। एक साल से कम उम्र के बच्चों के लिए स्क्रीन आधारित गतिविधियों की सलाह नहीं दी जाती।  हालांकि बड़े बच्चों के लिए केवल घंटे गिनना ही पर्याप्त नहीं है।

ज्यादा स्क्रीन देखने से आंखों पर क्या असर हो सकता है? | World Sight Day 2026

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बच्चों में आंखों में थकान, सूखापन, सिरदर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। लगातार पास की चीजों पर ध्यान केंद्रित करने और बाहर कम समय बिताने से मायोपिया यानी दूर की चीजें धुंधली दिखाई देने का जोखिम भी बढ़ सकता है।

बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने के तरीके | World Sight Day 2026

  • -बच्चों को लगातार लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचाएं।

  • -हर 20 मिनट में स्क्रीन से नजर हटाकर करीब 20 फीट दूर किसी वस्तु को कम से कम 20 सेकंड तक देखने की आदत डालें।

  • -बच्चों को रोजाना पर्याप्त समय बाहर रोशनी में खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।

  • -विश्व स्वास्थ्य संगठन की सामग्री में बच्चों के लिए प्रतिदिन कम से कम 90 मिनट बाहर दिन के उजाले में रहने की सलाह दी गई है।

  •  -सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें और घर में स्क्रीन-मुक्त समय तय करें।

  • -मोबाइल या टैबलेट को आंखों के बहुत पास रखकर देखने से बचाएं।

  • -बच्चों की पढ़ाई, खेल, नींद और परिवार के साथ समय को स्क्रीन के कारण प्रभावित न होने दें।

  •  -अगर बच्चे को बार-बार आंखों में दर्द, सिरदर्द, आंखें मिचमिचाने या दूर की चीजें देखने में परेशानी हो रही है, तो नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराएं।

 

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