स्वास्थ्य और बीमारियां

सावधान! प्लास्टिक बॉटल में पानी पीना हो सकता है जानलेवा बीमारियों का खतरा

आप बाहर कहीं भी जाते हैं तो अक्सर प्लास्टिक की बॉटल का पानी पीते होंगे। प्लास्टिक की बॉटल का पानी धड़ल्ले से मार्केट में बिक रहा है जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। प्लास्टिक हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में पानी की जिस बॉटल में हम और आप पानी पी रहे हैं, वो शरीर के लिए बीमारियों का खतरा माना जाता है। दरअसल, हर तरह के प्लास्टिक में खतरनाक केमिकल और बैक्टीरिया होते हैं। जब हम इन बोतलों से पानी पीते हैं तो बैक्टीरिया हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं और कई गंभीर बीमारियां पैदा करते हैं। अगर आप भी पानी पीने के लिए प्लास्टिक की बॉटल का प्रयोग करते हैं तो यह खबर आपको लिए है –

प्लास्टिक बॉटल क्यों होती है नुकसानदायक

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्लास्टिक कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और क्लोराइड से बना होता है। इनमें से बीपीए प्लास्टिक की पानी की बोतलें बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सबसे हानिकारक केमिकल्स में से एक है। जब पानी को लंबे समय तक हाई टेंपरेचर पर रखा जाता है तो इसका लेवल कई गुना तक बढ़ जाता है, जिससे आपके स्वास्थ्य को गंभीर बीमारियों हो सकती हैं।

क्या-क्या बीमारियां हो सकती हैं?

बांझपन, लिवर की बीमारियों का खतरा

इस बारे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्लास्टिक की पानी की बोतल जब गर्मी के संपर्क में आती है तो पानी में माइक्रो प्लास्टिक छोड़ने लगती है। ये सूक्ष्म प्लास्टिक कण शरीर में पहुंच जाते हैं जिससे कई तरह की समस्याएं होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसकी ज्यादा मात्रा हार्मोन असंतुलन, बांझपन और लिवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।

कम हो सकता है स्पर्म काउंट

प्लास्टिक की बोतल को लंबे समय तक रखने और इसको इस्तेमाल करते रहने से कई तरह की हार्मोनल गड़बड़ी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर लंबे समय तक प्लास्टिक बोतल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो पुरुषों में स्पर्म काउंट कम हो सकता है।

वहीं, लड़कियों में जल्दी यौवन की संभावना रहती है। बोलतबंद पानी के प्रयोग से लिवर और ब्रेस्ट कैंसर की आशंका भी ज्यादा होती है।

हार्ट की बीमारियां और डायबिटीज का जोखिम

हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक अध्ययन से सामने आया है कि पॉली कार्बोनेट की बोतलों से पानी पीने वालों के यूरिन में पॉली कार्बोनेट प्लास्टिक बनाने में उपयोग होने वाला केमिकल बिस्फेनॉल ए पाया गया है। जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है तो इससे हार्ट डिजीज और डायबिटीज का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है।

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