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Alert: इन तीन बीमारियों से आप चाह कर भी नहीं कर सकते बचाव, आप भी तो नहीं हैं शिकार?

Major and Dangerous Diseases for Human Body: कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का खतरा  लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण रहता है। अगर आपके भोजन में पौष्टिक चीजों की कमी है, आप शारीरिक रूप से निष्क्रिय हैं या आपमें कुछ बीमारियों की फैमिली हिस्ट्री रही है तो भविष्य में आपमें भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का खतरा हो सकता है, ये बाहरी कारक हैं जो आपको बीमार कर सकते हैं। पर क्या आपको पता है कि हमारा शरीर खुद से ही कुछ बीमारियां बना लेता है, भले ही आपकी लाइफस्टाइल और दिनचर्या ठीक हो। कहीं आप भी तो इस तरह की दिक्कतों के शिकार नहीं हैं?

Self Medication is Very Dangerous | Know Side Effects of Self Medication 

ये सुनने में भले ही अजीब लग रहा हो पर आपके शरीर की ही गलती से आप कुछ बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इस तरह की बीमारियों को ऑटोइम्यून डिजीज कहा जाता है। ऑटोइम्यून डिजीज तब होती है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही स्वस्थ कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों पर अटैक कर देती है। इससे शरीर में इंफ्लामेशन होने का जोखिम बढ़ जाता है जिसके कारण कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम हो सकता है। क्या आप जानते हैं कि गठिया और डायबिटीज भी ऑटोइम्यून डिजीज हो सकती है?

ऑटोइम्यून डिजीज के बारे में जानना जरूरी | Major and Dangerous Diseases for Human Body

जैसा कि बताया गया है कि ऑटोइम्यून डिजीज, शरीर खुद से ही बना लेता है, ऐसे में सभी लोगों को इसके बारे में जानकारी होना जरूरी है। अध्ययनों से पता चलता है कि ऑटोइम्यून बीमारियां 80 से अधिक प्रकार की हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, न तो इन बीमारियों का कोई इलाज है और न ही आप चाह कर भी इसे रोक सकते हैं। जिन लोगों में इन समस्याओं का निदान किया जाता है, उनके उपचार में लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए दवाइयां और सहायक चिकित्सा दी जाती है। आइए उन बीमारियों के बारे में जानते हैं जो हमारे इम्यून सिस्टम की गलती के कारण होती हैं।

टाइप-1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून डिजीज है | Major and Dangerous Diseases for Human Body

डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है जिसका खतरा वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता जा रहा है। टाइप-2 डायबिटीज बहुत कॉमन है जिसके लिए फैमिली हिस्ट्री, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि टाइप-1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून डिजीज है? जब हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वयं ही अग्न्याशय की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करने लगती है, तब ये बीमारी होती है। बच्चों में इसका निदान सबसे ज्यादा किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस डायबिटीज के शिकार लोगों को जीवनभर इंसुलिन लेते रहने की आवश्यकता हो सकती है। इसकी जटिलताएं और लक्षण भी बिल्कुल उसी तरह होते हैं जैसे टाइप-2 के।

रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून डिजीज है |Major and Dangerous Diseases for Human Body

गठिया भी बहुत आम समस्या है जिसका जोखिम वैश्विक स्तर पर बढ़ता जा रहा है। ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसे गठिया के मामले शारीरिक निष्क्रियता और कुछ अन्य कारकों के कारण हो सकते हैं, हालांकि रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून डिजीज है। रुमेटीइड आर्थराइटिस एक क्रोनिक (लंबे समय तक चलने वाली) ऑटोइम्यून बीमारी है जो ज्यादातर जोड़ों को प्रभावित करती है। जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही शरीर के ऊतकों पर हमला कर देती है, तो इसके कारण ये समस्या हो सकती है। इस बीमारी के कारण जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न और कार्यक्षमता में कमी आती है। गंभीर स्थितियों में चलना और उठना तक भी मुश्किल हो जाता है।

मल्टीपल स्केलेरोसिस भी ऑटोइम्यून बीमारी | Major and Dangerous Diseases for Human Body

मल्टीपल स्केलेरोसिस भी एक ऑटोइम्यून बीमारी है ये तब होती है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में तंत्रिका कोशिकाओं के सुरक्षात्मक आवरण पर अटैक कर देती है। इस स्थिति के कारण रोगी को देखने में समस्या, चलने में परेशानी, मांसपेशियों में कमजोरी, सुन्नता-झुनझुनी, थकान-चक्कर आने, शरीर में अकड़न, कंपन, दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ये समस्या वैसे तो सभी उम्र के लोगों में देखी जाती है लेकिन वयस्कों और महिलाओं में अधिक आम है। इस बीमारी का समय पर निदान और उपचार न हो पाए तो इससे क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी नकारात्मक असर हो सकता है।

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