Bitter Gourd: शुगर और इंफेक्शन दोनों कम करता है करेला, इन सावधानियों का भी रखें ध्यान


Bitter Gourd: भारतीय खान-पान और आहार व्यवस्था को सदियों से सेहत के लिए बहुत लाभकारी माना जाता रहा है। इसमें आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का समाधान छिपा हुआ है। सदियों से भारत में खानपान को सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित रखने का तरीका माना गया है। आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों इस बात की पुष्टि करते हैं कि सही भोजन डायबिटीज, हृदय रोग, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। भारतीय आहार में मौजूद साबुत अनाज लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले होते हैं, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है। दालें और चना प्रोटीन व फाइबर से भरपूर होते हैं जो शरीर की फिटनेस को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। करेला भारतीय आहार की प्रमख सब्जी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे कई गंभीर बीमारियों की प्राकृतिक दवा मानते हैं।
बड़ा फायदेमंद है करेला | Bitter Gourd
करेला स्वाद में भले ही कड़वा हो, लेकिन सेहत के लिहाज बेहद फायदेमंद है। इसमें मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स, विटामिन्स और मिनरल्स कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। करेला का सेवन डायबिटीज कंट्रोल के लिए वर्षों से किया जाता रहा है। इसमें मौजूद चरेंटिन, वाइसिन और पॉलीपेप्टाइड-पी जैसे तत्व शरीर में इंसुलिन जैसा प्रभाव दिखाते हैं। कई अध्ययनों में पाया गया है कि करेला ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है और टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए सहायक हो सकता है। नियमित रूप से करेला का सेवन फास्टिंग और पोस्ट-प्रांडियल शुगर दोनों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
करेला के और भी कई फायदे | Bitter Gourd
सिर्फ ब्लड शुगर कंट्रोल करने में ही नहीं, करेला के नियमित सेवन के और भी कई सारे लाभ हैं। करेला इम्युनिटी बढ़ाने और संक्रमण से बचाव में भी अहम भूमिका निभाता है। इसमें विटामिन-सी, विटामिन-ए और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। करेला में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल और एंटीवायरल गुण त्वचा के संक्रमण, फंगल इन्फेक्शन और मौसमी बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक माने जाते हैं। करेला पाचन तंत्र को मजबूत करने में भी बेहद फायदेमंद है। इसमें डाइटरी फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में लाभकारी है। वजन घटाने और हार्ट हेल्थ के लिए भी करेला उपयोगी है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है और फाइबर ज्यादा, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और आप ओवरईटिंग से बचते हैं। बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में भी इसे फायदेमंद पाया गया है। ये धमनियों में सूजन कम करता है जिससे दिल की बीमारियों का खतरा घटता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ? | Bitter Gourd
करेला वैसे तो कई बीमारियों को ठीक करने में प्रभावी है, पर कुछ सब्जियों और खाद्य पदार्थों के साथ इसे खाने से दिक्कत हो सकती है। इसलिए करेले का सेवन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल में सुधार के साथ अगर करेला का सेवन किया जाए तो ये वजन घटाने और हृदय दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
बरतें ये सावधानियां | Bitter Gourd
करेला का नियमित सेवन लाभकारी है, पर आयुर्वेद में करेले के साथ कुछ पदार्थों का सेवन वर्जित बताया गया है। करेले खाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिए। इससे पाचन संबंधी समस्याएं, गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी हो सकती हैं। करेला और पालक का भी एक साथ सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शरीर में ऑक्सलेट की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे गुर्दे में पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है। कड़वाहट कम करने के लिए कुछ लोग करेला के साथ दही का सेवन कर लेते हैं। इससे त्वचा पर रेशेज और खुजली हो सकती है। करेला और आम का सेवन भी एक साथ नहीं करना चाहिए। इससे उल्टी-मतली, जलन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है।





