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Brain Health: दिमाग को भी चाहिए ‘कसरत’; जानें इन 3 आसान तरीकों के बारे में

How To Improve Brain Health Naturally: हम सभी जानते हैं कि शरीर को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज जरूरी है, जैसे कि चलना, वेट उठाना, स्ट्रेचिंग करना आदि.  लेकिन अक्सर हम एक अहम चीज भूल जाते हैं. दिमाग को भी कसरत की जरूरत होती है और वह सिर्फ कभी-कभार क्रॉसवर्ड हल करने से पूरी नहीं होती. दिमाग भी शरीर के अन्य अंगों की तरह है. अगर उसे चुनौती नहीं दी जाए, तो वह सुस्त पड़ने लगता है. नई चीजें सीखना, जैसे कोई भाषा, वाद्ययंत्र, नई हॉबी, गहराई से पढ़ना या सार्थक बातचीत करना ये ब्रेन में नए न्यूरल कनेक्शन बनाता है। यही कनेक्शन याददाश्त और सोचने की क्षमता को मजबूत बनाए रखते हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट? | How To Improve Brain Health Naturally

आज के समय में ब्रेन एक्सरसाइज और भी जरूरी हो गई है. हम रास्ते याद रखने के बजाय जीपीएस पर निर्भर हैं, ध्यान लगाने की बजाय लगातार स्क्रॉल करते रहते हैं और एक साथ कई काम करने की कोशिश करते हैं. धीरे-धीरे इससे ध्यान की क्षमता और मेंटल सहनशक्ति प्रभावित हो सकती है. न्यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि, मेंटल एक्सरसाइज स्वास्थ्य बनाए रखने, उम्र से जुड़ी गिरावट कम करने और मानसिक लचीलापन बढ़ाने में मदद करते हैं. पहेलियां सुलझाना, सुडोकू खेलना, नई स्किल सीखना या माइंडफुलनेस का अभ्यास करना, ये सब याददाश्त, ध्यान और इमोशनल संतुलन बेहतर करने में सहायक हैं.

मल्टीटास्किंग कैसे प्रभावित करती है? | How To Improve Brain Health Naturally

मल्टीटास्किंग को अक्सर प्रोडक्ट का प्रतीक माना जाता है, लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि लगातार काम बदलने से दिमाग पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है. इससे कार्यक्षमता कम हो सकती है, ध्यान अवधि घटती है और मानसिक थकान बढ़ती है. लंबे समय तक ऐसा करने से तनाव और बर्नआउट का खतरा भी बढ़ सकता है. ध्यान और माइंडफुलनेस के लाभ भी अब रिसर्च से साबित हो रहे हैं. रेगुलर ध्यान से तनाव हार्मोन कोर्टिसोल कम हो सकता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है. सांसों पर ध्यान केंद्रित करना या शांत बैठकर मन को स्थिर करना इमोशनल संतुलन मजबूत करता है.

क्या करना चाहिए आपको? | How To Improve Brain Health Naturally

कुछ शुरुआती संकेत भी हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए, डेली कामों में बाधा डालने वाली भूलने की आदत, निर्णय क्षमता में कमी, तारीख या स्थान भूल जाना, बार-बार वही सवाल दोहराना, या मूड में अचानक बदलाव. ये संकेत बताते हैं कि कॉग्निटिव स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने का समय आ गया है. रोज कोई दिमागी खेल या पहेली हल करें, नई स्किल या शौक अपनाएं और सामाजिक मेलजोल बढ़ाएं. छोटे लेकिन नियमित प्रयास दिमाग को सक्रिय, तेज और संतुलित बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं.

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