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Buttermilk: इन्हें नहीं पीनी चाहिए छाछ, फायदा नहीं बल्कि हाथ लगेगा नुकसान

Buttermilk: गर्मियों के मौसम में अक्सर छाछ पीने की सलाह दी जाती है। छाछ पीने से पेट ठंडा रहता है। छाछ को डाइट प्लान में शामिल करने से न केवल गट हेल्थ को सुधारा जा सकता है बल्कि डिहाइड्रेशन के खतरे को भी कम किया जा सकता है। लेकिन कुछ लोगों को छाछ का सेवन करने से बचना चाहिए वरना उनकी सेहत बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। आइए छाछ को डाइट प्लान का हिस्सा बनाने के कुछ साइड इफेक्ट्स के बारे में जानकारी हासिल करते हैं।

  • किडनी से जुड़ी समस्याएं (Buttermilk)हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक जिन लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारी होती है, उन्हें छाछ कंज्यूम करने से बचना चाहिए वरना उन्हें लेने के देने पड़ सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि छाछ में मौजूद पोटैश‍ियम और फॉस्‍फोरस किडनी से जुड़ी समस्या को बढ़ाने का काम कर सकते हैं।

  • सर्दी, खांसी और जुकाम (Buttermilk)अगर आपको सर्दी, खांसी या फिर जुकाम है, तो आपको छाछ नहीं पीनी चाहिए। दरअसल, छाछ की तासीर ठंडी होती है। जाहिर सी बात है कि ठंडी तासीर वाली छाछ सर्दी, खांसी या फिर जुकाम की समस्या को बढ़ा सकती है। यही वजह है कि गले में खराश होने पर भी छाछ से परहेज करने की सलाह दी जाती है। इस तरह की समस्याएं होने पर छाछ से दूरी बना लेने में ही समझदारी है।

  • लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या (Buttermilk)क्या आप लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या से जूझ रहे हैं? अगर हां, तो आपको अपने डाइट प्लान में छाछ को शामिल करने से बचना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि छाछ दूध से बनी होती है और जो लोग लैक्टोज इनटॉलरेंट होते हैं, उन्हें दूध डाइजेस्ट नहीं हो पाता है। अगर लैक्टोज इनटॉलरेंट होने पर छाछ का सेवन किया जाए, तो डाइजेशन पर नेगेटिव असर पड़ सकता है।

 

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