ग्रूमिंग टिप्सस्वास्थ्य और बीमारियां

जानलेवा बन रही दिल्ली की हवा, रोज इस खतरनाक भूल से भुगतना पड़ेगा खामियाजा

Delhi Pollution Alert: दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया। जहरीली हवा न सिर्फ सांस की बीमारियों को बढ़ाती है, बल्कि दिल, आंखों, त्वचा और इम्यून सिस्टम पर भी गंभीर असर डालती है। ऐसे में घर से बाहर निकलते समय की गई छोटी-सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इस स्थिति को देखते हुए संसद में दिल्ली प्रदूषण पर चर्चा होगी जो कि राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

एम्स के डॉक्टर बता चुके हैं कि दिल्ली में प्रदूषण का व्यक्ति के स्वास्थ्य पर कितना गहरा प्रभाव पड़ सकता है। खासकर जो मरीज पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, जैसे हृदय रोग, कमजोर लिवर, डायबिटीज और बीपी के मरीजों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। दिल्ली-एनसीआर से बाहर कहीं घूमने जा रहे हैं तो ठीक है, लेकिन अगर आप शहर में ही पार्टी, पिकनिक या शॉपिंग के लिए घर से बाहर निकल रहे हैं तो कुछ गलतियां करने से बचें।

जानलेवा बन रही दिल्ली की हवा, रोज इस खतरनाक भूल से भुगतना पड़ेगा खामियाजा

घर से बाहर निकलते समय न करें ये 10 गलतियां | Delhi Pollution Alert

बिना मास्क के बाहर निकलना

प्रदूषण में बिना मास्क निकलना सबसे बड़ी गलती है। सामान्य कपड़े या सर्जिकल मास्क पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते। दिल्ली की जहरीली हवा से बचना है तो घर से बाहर निकलते समय N95 या N99 मास्क का इस्तेमाल करें।

सुबह-सुबह या देर रात वॉक करना

सुबह और रात के समय हवा में प्रदूषक तत्व ज्यादा होते हैं। ऐसे में जो लोग सुबह या देर रात घर के बाहर टहलने के लिए निकल रहे हैं तो ये आपके फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। वॉक या एक्सरसाइज दोपहर या शाम को करें, जब AQI थोड़ा बेहतर हो।

खुले में एक्सरसाइज करना

भारी सांस लेने से जहरीले कण फेफड़ों में गहराई तक चले जाते हैं। अगर आप योग या एक्सरसाइज बाहर किसी पार्क या छत पर खुले में कर रहे हैं तो ये आपको लाभ नहीं, बल्कि नुकसान पहुंचा सकता है। जिम या घर के अंदर योग करना ज्यादा सुरक्षित है।

आंखों को खुला छोड़ना

जब आप घर से बाहर निकलते हैं तो प्रदूषित वायु के कारण आंखों में जलन, लालिमा और इंफेक्शन का खतरा रहता है। इसलिए घर से बाहर निकलते समय चश्मा या सनग्लास पहनें।

खान-पान पर ध्यान न देना

मजबूत इम्यूनिटी प्रदूषण से होने वाले दुष्प्रभावों से बचाव करती है। लेकिन जंक फूड शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करता है। विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और हल्का भोजन लें ताकि इम्यूनिटी ठीक रहे और फेफड़े मजबूत रहें।

पानी कम पीना

प्रदूषण शरीर में टॉक्सिन बढ़ाता है। जब आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो शरीर में जहरीली वायु टॉक्सिन बढ़ाती है। दिनभर खूब पानी पिएं, ताकि शरीर खुद को डिटॉक्स कर सके।

यह भी पढ़ें: सर्दी में जोड़ों का दर्द बढ़ने से है रोकना, अपनाएं ये सात जरूरी आदतें

बच्चों और बुजुर्गों को बेवजह बाहर ले जाना

बुजुर्गों और बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है। प्रदूषण से बचाव के लिए इनका ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। AQI खराब होने पर बच्चों और बुजुर्गों को घर में ही रखें।

निजी वाहन का उपयोग

जिस तरह से AQI का स्तर बढ़ रहा है, उसमें लोगों की भी भूमिका है। घर से निकलते समय आप निजी परिवहन सड़कों पर नजर आते हैं तो प्रदूषण को बढ़ाने में एक अहम कारक है। इसके बजाए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें ताकि प्रदूषण को रोका जा सके।

धूम्रपान या हुक्का करना

प्रदूषण के साथ स्मोकिंग फेफड़ों को डबल नुकसान पहुंचाती है। इस मौसम में धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाएं।

सर्दी-खांसी को हल्के में लेना

लगातार खांसी, सांस फूलना या सीने में जकड़न खतरे का संकेत हो सकता है। लक्षण बढ़ें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button