क्या आप भी दोपहर में लेते हैं झपकी, जान लीजिए क्या कहता है साइंस?

अक्सर कई लोगों को आपने दोपहर में आराम करते देखा होगा। हो सकता है कि आप भी खाना खाने के बाद आंखें बंद करके कुछ देर आराम करना चाहते हों। खासकर 1 बजे से लेकर 4 बजे तक कई लोग ठीक तरह के एक्टिव नहीं रह पाते हैं। कुछ लोग इसका कारण हैवी लंच मानते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि हमारे शरीर की बॉडी क्लॉक (circadian rhythm) दोपहर के समय थोड़ी सुस्ती का संकेत देती है। इसके अलावा अगर रात की नींद अधूरी हो या खाना भारी हो तो नींद आना और भी लाजमी हो जाता है।
अध्ययन से पता चलता है कि इससे बचने के लिए पावर नैप यानी हल्की सी झपकी काम आ सकती है, यह फिर से रिचार्ज करने में मदद करती है। मगर, ज्यादा देर तक झपकी अच्छा नहीं होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि दोपहर की ये छोटी सी झपकी हमारे शरीर और दिमाग के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक।

दोपहर में झपकी लेने के फायदे
रिसर्च के अनुसार, 20-30 मिनट की झपकी ब्रेन को बूस्ट करता है। इससे मेमोरी, फोकस और क्रिएटिव सोच बेहतर होती है।
कुछ स्टडीज ने यह भी दिखाया कि छोटे नैप्स से हार्ट हेल्थ को फायदा मिल सकता है।
झपकी लेने से स्ट्रेस लेवल कम होता है और मूड भी अच्छा बना रहता है।
झपकी के बाद एनर्जी बूस्ट होती है, जिससे आप बाकी दिन ज्यादा प्रोडक्टिव रहते हैं।
दोपहर में नैप्स लेने के नुकसान
दोपहर में झपकी लेना जहां फायदेमंद है, वहीं नुकसानदायक भी है। 30 मिनट से ज्यादा की धपकी भारीपन और सुस्ती का एहसास करा सकता है। इससे आप पहले से अधिक थका हुआ और भ्रमित महसूस कर सकते हैं, खासकर अगर आपको तुरंत बाद कुछ जरूर काम करने की जरूरत हो। जब झपकी आधे घंटे से ज़्यादा हो जाती है तो आपका दिमाग गहरी नींद में चला जाता है। इससे जागने से आप एक घंटे तक सुस्त महसूस कर सकते हैं। साथ ही दिन में बहुत देर से झपकी लेने से रात में सोना मुश्किल हो सकता है।
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क्या कहता है साइंस?
नासा (NASA) ने पाया कि 26 मिनट की झपकी से फ्लाइट क्रू में सतर्कता में 54% सुधार हुआ और परफॉर्मेंस में 34% का इजाफा हुआ। एथलीट अक्सर अपनी मांसपेशियों को ठीक करने और प्रतिक्रिया समय और सहनशक्ति में सुधार करने के लिए झपकी लेते हैं। डॉक्टर और पायलट जैसे हाई प्रेशर और तनाव वाली नौकरियों में लोग भी चुस्त रहने और गलतियों से बचने के लिए छोटी झपकी लेते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सबसे अच्छी झपकी 10 से 20 मिनट की होती है और दोपहर 2 बजे से पहले आ जानी चाहिए।