तम्बाकू पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने के लिए डॉ. सूर्यकान्त ने पीएम को लिखा पत्र

विश्व तम्बाकू दिवस पर केजीएमयू रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
World No Tobacco Day 2025: रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू में ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस’ मनाया गया। इस वर्ष की थीम ‘ब्राइट प्रोडक्ट्स, डार्क इंटेंशन्स, अनमास्किंग दी अपील’ अर्थात ‘चमकदार उत्पाद, काली नीयतः आकर्षण का पर्दाफाश’ है। इस अवसर पर रोगियों के परिजनों की एक सभा में डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि 16वीं शताब्दी में अकबर के शासनकाल में पुर्तगाली पहली बार तम्बाकू ले कर भारत आये थे। जहाँगीर के शासनकाल में इसके उपभोग को नियंत्रित करने के लिए इस पर भारी मात्रा में कर लगाये गये लेकिन सदियां बीत गयीं, तम्बाकू व्यापार और उपभोग पर लेश मात्र भी अंकुश नहीं लग पाया। तम्बाकू के धुएं से 7000 हानिकारक रसायनिक पदार्थ निकलते हैं, जिनमें निकोटीन और टार प्रमुख हैं। इसके धुएं में लगभग 150 ऐसे तत्व पाये जाते हैं जो की कैंसर कारक हैं। जिसके कारण 40 तरह के कैंसर हो सकते हैं।
विश्व भर में होने वाली मृत्यु में 50% मौंतों का कारण धूम्रपान है | World No Tobacco Day 2025
उन्होंने बताया बीड़ी, सिगरेट व तम्बाकू से कैंसर के अतिरिक्त 25 तरह की अन्य बीमारियाँ भी हो सकती हैं। बीड़ी या सिगरेट का धुआं उसको पीने वाले के फेफडे़ में 30 प्रतिशत जाता है व आस-पास के वातावरण में 70 प्रतिशत रह जाता है। जिससे परिवार के लोग और उसके मित्र प्रभावित होते हैं, इसे हम परोक्ष धूम्रपान कहते हैं। इस परोक्ष धूम्रपान से यदि गर्भवती महिला प्रभावित होती है तो इसके गर्भ में पल रहे शिशु का विकास रूक सकता है तथा गर्भ के अन्दर शिशु की मृत्यु भी हो सकती है। विश्व भर में होने वाली मृत्यु में 50 प्रतिशत मौंतों का कारण तम्बाकू व धूम्रपान है।

डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि प्रतिवर्ष तम्बाकू एवं धूम्रपान के कुप्रभाव के कारण विश्व में लगभग 70 लाख तथा भारत में 12 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। अर्थात भारत में लगभग 3000 लोगों की मृत्यु प्रतिदिन तम्बाकू और इसके उत्पादों के स्वास्थ्य पर होने वाले खतरनाक दुष्प्रभावों के कारण होती है। डॉ. सूर्यकान्त ने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त लोगों को शपथ दिलाई कि वे तम्बाकू का सेवन नहीं करेगें और अपने आस-पास तथा रिश्तेदारों को भी तम्बाकू छोड़ने के लिए मनायेगें। रेस्पिरेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने एक पत्र लिख कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से तम्बाकू पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने की मांग की।
