स्वास्थ्य और बीमारियां

चार साल के बच्चे ने बहन को डोनेट किए Stem Cells, जानें किस उम्र में कर सकते हैं यह काम?

ओडिशा (Odisha) में चार साल की बच्ची ने अपनी दो साल की बहन को ब्लड कैंसर से बचाने के लिए स्टेम सेल दान किया है, जो एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया (AML) नाम के खतरनाक ब्लड कैंसर (Blood Cancer) से जूझ रही है। इतने छोटे बच्चे पर किया गया यह पहला एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट है।

एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SCBMCH) की बीएमटी यूनिट के मुताबिक, झारखंड के धनबाद के रहने वाले शारुख अंसारी की दो साल की बेटी अलीज़ा नाज़ में ब्लड कैंसर पाया गया। जुलाई, 2024 में जमशेदपुर के टाटा मेमोरियल अस्पताल (TMH) में उसे पहली बार इंडक्शन कीमोथेरेपी दी गई थी।

क्या है पूरा मामला?

बीएमटी के प्रोफेसर आरके जेना ने बताया कि टीएमएच में किए गए ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन मैचिंग ने अलीजा की बड़ी बहन आतिफा, जो सिर्फ चार साल की है, के साथ 100% मैच हुई, जिसके बाद 28 जनवरी को उसे भर्ती कराया गया। स्टेम सेल कलेक्ट करना काफी चुनौती वाला था, क्योंकि यह पहला मामला था जहां स्टेम सेल डोनर इतनी कम उम्र का था।

इतनी छोटी उम्र की बच्चे से कैसे लिया गया स्टेम सेल?

डॉक्टर ने बताया कि ब्लड ग्रुप को मैच कराने के बाद एफेरेसिस सिस्टम को प्राइम करने के लिए इस्तेमाल किया गया, क्योंकि बच्ची की ब्लड डेंसिटी कलेक्शन की डायनमिक बनाए रखने के लिए बहुत कम था। प्राइमिंग के बाद, स्टेम सेल एफेरेसिस 6 फरवरी को सुबह 9 बजे शुरू हुआ और उसी दिन दोपहर 1 बजे पूरा हुआ। इसके बाद, 7 फरवरी को स्टेम सेल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। डॉक्टर्स का कहना है कि इस तरह की सफलता आने वाले समय में कई बच्चों की जान बचा सकता है।

क्‍या है स्टेम सेल्स डोनेशन? (What is Stem Cells Donation?)

स्टेम सेल शरीर की बोन मैरो (Bone Marrow) में पाई जाती है। इसका काम ब्लड (Blood) को बनाना है। स्टेम सेल खून में पाई जाती है। स्टेम सेल डोनेट करने की प्रक्रिया एकदम ब्लड डोनेशन की तरह ही होती है। डोनेशन से पहले मरीज को G-CSF इंजेक्शन लगाया जाता है, फिर स्टेम सेल डोनेशन की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसमें 4 से 6 घंटे का वक्त लगता है।

किस उम्र में डोनेट किए जा सकते हैं स्टेम सेल्स?

स्टेम सेल्स डोनेट करने के लिए कम से कम उम्र 18 साल है। हालांकि, कुछ मामलों में 16 या 17 साल वाले भी स्टेम सेल्स डोनेट कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उनके माता-पिता या पैरेंट्स की परमिशन जरूरी होती है। चार साल के बच्चे ने अपनी बहन को स्टेम सेल्स डोनेट करने का मामला काफी हैरान करने वाला माना जाता रहा है। इसे भविष्य में उन बच्चों के लिए जीवनदान के तौर पर देखा जा रहा है, जो इस तरह के कैंसर से जूझ रहे हैं।

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