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High Blood Pressure: 20 से 30 की उम्र में ही क्यों घेर रहा बीपी, किन दिक्कतों से हो रही यह बीमारी?

High Blood Pressure In Young Adults: हाई ब्लड प्रेशर अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गया है. आजकल स्कूल जाने वाले किशोरों से लेकर 20  से 30 की उम्र के प्रोफेशनल्स तक में हाइपरटेंशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. सबसे चिंता की बात यह है कि यह एक “साइलेंट” समस्या है, जो अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है. पहले लोग 40 की उम्र के बाद बीपी को लेकर सजग होते थे, लेकिन अब डॉक्टरों के पास कम उम्र के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. चलिए आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है.

क्या है कारण? | High Blood Pressure In Young Adults

युवा वर्ग में बढ़ते हाई ब्लड प्रेशर के पीछे सबसे बड़ा कारण बदलती लाइफस्टाइल है. तेज रफ्तार रूटीन, लंबे वर्किंग ऑवर, अनियमित नींद, जंक फूड और शारीरिक गतिविधि की कमी हार्ट की सेहत पर सीधा असर डालती है, लगातार तनाव और चिंता भी बड़ी वजह बन रहे हैं. जब शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं तो ब्लड वेसल्स संकरी हो जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. मोटापा भी एक अहम कारण है, क्योंकि बढ़ा हुआ वजन दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है. इसके अलावा धूम्रपान और शराब का सेवन कम उम्र में ही ब्लड प्रेशर को असंतुलित कर सकता है. जिन लोगों के परिवार में पहले से हाई बीपी की समस्या रही है, उनमें जोखिम और अधिक होता है.

क्या होते हैं लक्षण? | High Blood Pressure In Young Adults

हाई ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” इसलिए कहा जाता है क्योंकि ज्यादातर मामलों में शुरुआती संकेत नजर नहीं आते. फिर भी कुछ लोगों को सुबह के समय सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, थकान, घबराहट या कभी-कभी नाक से खून आने जैसी दिक्कत हो सकती है. अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो आगे चलकर यह दिल की बीमारी, स्ट्रोक, किडनी डैमेज, आंखों की रोशनी पर असर और यहां तक कि ब्रेन क्षमता में कमी का कारण बन सकता है.

कैसे इससे बचा जा सकता है? | High Blood Pressure In Young Adults

अच्छी बात यह है कि कम उम्र में ही सावधानी बरतकर इसे काफी हद तक रोका जा सकता है. संतुलित आहार लें, जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर शामिल हों. नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें.  हफ्ते में कम से कम पांच दिन 30 मिनट एक्सरसाइज करें. तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन, योग या अपनी पसंद की गतिविधियां अपनाएं. रोज 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लें और धूम्रपान से दूरी बनाएं. 18 साल की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार बीपी की जांच जरूर करानी चाहिए. समय रहते उठाया गया छोटा कदम भविष्य की बड़ी बीमारियों से बचा सकता है.

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