Lucknow: बलरामपुर चिकित्सालय में छह माह की बच्ची का जटिल जन्मजात रोग का सफल ऑपरेशन


Balrampur Hospital Lucknow: बलरामपुर चिकित्सालय में चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम द्वारा एक अत्यंत जटिल एवं जीवन-रक्षक सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। जनपद सुल्तानपुर के रामपुर निवासी राहुल वर्मा (परिवर्तित नाम) एवं पूजा वर्मा (परिवर्तित नाम) की 6 माह की पुत्री आर्या वर्मा (परिवर्तित नाम) को गंभीर श्वसन कष्ट, बार-बार उल्टी तथा अचानक चेतना में कमी की शिकायत के साथ दिनांक 31 जनवरी 2026 को आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। आपातकालीन प्राथमिक उपचार एवं रेससिटेशन के पश्चात बच्ची को पीडियाट्रिक वार्ड-3 में स्थानांतरित किया गया। विस्तृत जांचों में रक्त परीक्षण, एक्स-रे, ईकोकार्डियोग्राफी, कॉन्ट्रास्ट स्टडी एवं सीटी स्कैन शामिल थे। जांच में यह पाया गया कि बच्ची जन्म से ही Congenital Left-Sided Diaphragmatic Hernia से पीड़ित थी, जिसमें छोटी व बड़ी आंत सहित अन्य पेट के अंग छाती की गुहा में चले गए थे। इसके कारण बाएं फेफड़े का विकास नहीं हो पाया तथा दायां फेफड़ा एवं हृदय दबाव में आ गए थे। सभी आवश्यक तैयारियों के पश्चात वरिष्ठ शिशु शल्य चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान डायाफ्राम की मरम्मत कर सभी पेट के अंगों को पुनः पेट की गुहा में स्थापित किया गया।
वर्तमान में बच्ची वेंटिलेटर से बाहर, कंडीशन बेहतर | Balrampur Hospital Lucknow
ऑपरेशन के बाद बच्ची को पीआईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। वर्तमान में बच्ची वेंटिलेटर से बाहर है, उसकी सभी vital parameters सामान्य हैं तथा उसकी स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। चिकित्सकीय टीम को उसके शीघ्र स्वस्थ होने की पूरी आशा है। इस सर्जरी में एनेस्थीसिया टीम के रूप में डॉ. एमपी सिंह एवं डॉ. वैभव पांडेय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीआईसीयू प्रभारी डॉ. अनिमेष कुमार एवं उनकी टीम, नर्सिंग स्टाफ श्रीमती सीमा शुक्ला, अंजना सिंह, सिस्टर इंचार्ज उर्मिला सिंह तथा सहायक स्टाफ राजू, गिरिश एवं सुनील का योगदान सराहनीय रहा। परिजन इस जटिल उपचार से अत्यंत संतुष्ट एवं प्रसन्न हैं। उन्होंने बताया कि अन्य चिकित्सा संस्थानों में बेड उपलब्ध न होने के कारण उन्हें भर्ती से मना कर दिया गया था, ऐसे में बलरामपुर चिकित्सालय उनके लिए आशा की किरण साबित हुआ। डॉ. कविता आर्य, निदेशक ने कहा बलरामपुर चिकित्सालय में जटिल एवं गंभीर रोगों के उपचार हेतु विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। यह सफलता टीमवर्क का परिणाम है। डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया यह केस हमारे चिकित्सकों की दक्षता और समर्पण को दर्शाता है। बच्ची की स्थिति अब संतोषजनक है।





