Mau News: विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शरूआत, जीवनरक्षक जानकारियों से जनता होगी रूबरू

सुजीत कुमार (मऊ)
Vishesh Sanchari Rog Niyantran Abhiyan 2025: उत्तर प्रदेश में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान एवं “स्टॉप डायरिया कैंपेन” का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ से किया। इस मौके पर उन्होंने जागरूकता रैली व अभियान में लगे एंटीलार्वा छिड़काव, फॉगिंग और प्रचार-प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर भी रवाना किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित दस्तक अभियान एक जन-जागरूकता की ऐसी सशक्त पहल है, जिसका उद्देश्य संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना है। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इन रोगों से बचाव केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता से ही संभव है।
जीवनरक्षक जानकारियों से जनता होगी रूबरू
आज से प्रारंभ यह संचारी नियंत्रण न केवल बीमारी की पहचान और रोकथाम करेगा, बल्कि घर-घर जाकर समुदाय को साफ-सफाई, जल-जमाव से बचाव, हाथ धोने की आदत जैसी जीवनरक्षक जानकारियाँ देगा। प्रदेश के सभी विभागों, नागरिकों, विशेषकर आशा बहनों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्कूलों, ग्राम प्रधानों और स्वैच्छिक संगठनों से अपील करता हूँ कि वे इस अभियान को जनांदोलन बनाएं। “स्वस्थ उत्तर प्रदेश“ के लक्ष्य की प्राप्ति में सभी की जिम्मेदारी है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस सहित 13 विभाग मिलकर काम कर रहे हैं और इन सबके समन्वयन से ही अभियान सफल होगा। एक से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और स्टॉप डायरिया कैंपेन व 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलेगा।
152 लोगों की टीम घर–घर जाकर लोगों को जागरूक कराएगी: सीएमओ राहुल सिंह
इसी के तहत मऊ में भी संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर की। वहीं मऊ के मुख्य चिकित्साधिकारी राहुल सिंह ने बताया कि 152 लोगों की टीम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कराएगी। उन्होंने बताया कि, बारिश शुरू होने से मच्छरों से होने वाले डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसे रोगों से बचाव के लिए ये अभियान चलाया गया है।
संचारी रोगों के प्रसार के सामान्य तरीके हैं
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वायुजनित: जैसे कि छींकने या खांसने से निकलने वाली बूंदों के माध्यम से।
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संपर्क: जैसे कि संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संपर्क।
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जल और भोजन: दूषित पानी या भोजन के सेवन से।
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कीटों के काटने से: जैसे कि मच्छरों द्वारा काटे जाने से।
संचारी रोगों से बचने के लिए क्या करें?
हाथों को नियमित रूप से धोना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना और संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।