Pain Effects: सिर से पैर तक अलग-अलग हिस्सों में दर्द, जानिए कौन सी बीमारी का होगा अटैक?


Pain Effects: दर्द कोई बीमारी नहीं है बल्कि शरीर की चेतावनी है। जब शरीर के अंदर कहीं सूजन होती है, कहीं नस दबती है, कहीं थकान हद पार करती है या तनाव अंदर ही अंदर नुकसान करने लगता है, तो बॉडी पेन के जरिए सिग्नल देती है। रुको, अब सेहत का ख्याल रखो। लेकिन हम क्या करते हैं ? क गोली ली और दर्द को दबाकर फिर से वही भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल जीने लगते हैं। जबकि कुछ दर्द ऐसे होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा है। जैसे- सीने में दर्द, जब बाईं तरफ हो, जबड़े या दांत तक जाए, सांस फूले, पसीना आए तो ये सीधे दिल का अलार्म है। लगातार बढ़ता पेट दर्द, बार-बार उल्टी या दर्द के साथ कमजोरी, ये मामूली नहीं है। गर्दन और कंधे का दर्द, जो मोबाइल देखने से बढ़ता जाए वो मांसपेशियों के कमजोरी की चेतावनी है।
शरीर में दर्द रोगों की चेतावनी | Pain Effects
हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, जलन, ये नसों की बीमारी का सिग्नल है। सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न, सूजन, जलन होना आर्थराइटिस का इशारा है। याद रखिए दर्द होना गलत नहीं है, गलत है दर्द को इग्नौर करना। क्योंकि ये शरीर की आखिरी नहीं पहली चेतावनी होती है। जो समय रहते समझ गया वो बीमारी से बच गया और जो हर दर्द को ‘नॉर्मल’ कहकर टालता रहा, वो जिंदगी से समझौता करता रह जाएगा। इसलिए स्वामी रामदेव से जानते हैं अलग-अलग दर्द का इलाज क्या है?
दर्द से कैसे पायें राहत | Pain Effects
-
दिल को बनाएं मजबूत– दिल को स्वस्थ रखना है तो इसके लिए रोजाना 1 चम्मच अर्जुन की छाल, 2 ग्राम दालचीनी, 5 पत्ते तुलसी के पत्ते लें। इसे उबालकर काढ़ा बनाएं और रोजाना पीएं। इससे हार्ट को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
-
जोड़ों के दर्द के उपाय– अगर आपको जोड़ों में दर्द बना रहता है तो इसके लिए आपको गर्म कपड़े पहने चाहिए। रोजाना 3 लीटर पानी पीएं। नियमित वर्कआउट करें और विटामिन D से भरपूर चीजों का सेवन करें। ऐसे लोगों को प्रोसेस्ड फूड, ग्लूटेन फूड, अल्कोहल और ज्यादा चीनी-नमक के सेवन से बचना चाहिए।
-
नस–मांसपेशी मजबूत– इसके लिए आपको डाइट में गिलोय, अश्वगंधा, गुग्गुल, गोखरू, पुनर्नवा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को शामिल करना चाहिए।
-
मसल्स की कमजोरी कैसे दूर करें– नसों की कमजोरी को दूर भगाने के लिए रोजाना व्यायाम करें। खाने में विटामिन-डी से भरपूर खाना खाएं। दिन में 4-5 लीटर पानी पीएं। आंवले का सेवन करें।




