पीरियड्स के दौरान प्रोपर हाइजीन जरूरी, शरीर में नहीं आएगी कोई कमजोरी

Healthy Tips For Females in Hindi: पीरियड्स महिलाओं की जिंदगी का कुदरती हिस्सा है, लेकिन अगर प्रोपर हाइजीन न रखी जाए तो ये शरीर से जुड़ी परेशानी ला सकता है. एक कॉमन सवाल ये है कि क्या मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान महिलाओ को कई बार नहाना चाहिए? स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान हाइजीन और कंफर्ट बनाए रखने के लिए आमतौर पर रोजाना एक बार नहाना काफी होता है. जब तक किसी को बहुत ज्यादा ब्लीडिंग न हो रही हो, लीक न हुआ हो, या बहुत ज्यादा पसीना महसूस न हो रहा हो, तब तक आमतौर पर दिन में एक से ज्यादा बार नहाने की जरूरत नहीं होती. हालांकि, जिस दिनों फ्लो अधिक हो या फिजिकल एक्टिविटीज के बाद, शाम को एक बार जल्दी से धो लेना उन्हें ताजगी महसूस कराने और बदबू या जलन के रिस्क को कम करने में मदद कर सकता है.
आइडियल हाइजीन रूटीन के बारे में जानिए | Healthy Tips For Females in Hindi
पीरियड्स के दौरान एक आइडियल हाइजीन रूटीन में दिन में एक बार गुनगुने पानी से नहाना शामिल है. जबकि गर्म पानी सूदिंग लग सकता है, ये नसों को फैलाकर अस्थायी रूप से ब्लड फ्लो को बढ़ा सकता है. नहाते समय, सिर्फ बाहरी प्राइवेट पार्ट को पानी या एक हल्के, फ्रेग्रेंस फ्री साबुन का यूज करके धीरे से साफ करना जरूरी है. वजाइना सेल्फ क्लीनिंग करती है, इसलिए अंदरूनी हिस्सों में साबुन या वॉश का इस्तेमाल करने से इसका नेचुरल पीएच बैलेंस बिगड़ सकता है और जलन या इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है.

सैनिटरी प्रोडक्ट को रेगुलरली बदलें | Healthy Tips For Females in Hindi
मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट को नियमित रूप से बदलना उतना ही अहम है. फ्लो की परवाह किए बिना, पैड और टैम्पोन को हर 4 से 6 घंटे में बदलना चाहिए. मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करने वालों के लिए, इन्हें अक्सर 12 घंटे तक यूज किया जा सकता है, लेकिन हाइजीन को मेंटेन रखने और लीकेज को रोकने के लिए हेवी फ्लो वाले दिनों में इन्हें ज्यादा बार खाली करने की जरूरत हो सकती है.

साफ और हवादार अंडरगार्मेंट्स पहनें | Healthy Tips For Females in Hindi
कॉटन से बने साफ, ब्रीदेबल अंडरवियर पहनने से भी नमी को जमने से रोकने में मदद मिलती है, जिससे डिसकंफर्ट या इंफेक्शन हो सकता है. इस दौरान तंग या सिंथेटिक कपड़ों से बचना सबसे अच्छा है. वाइप करने की सही तकनीक मेंस्ट्रुअल हाइजीन का एक और अहम हिस्सा है. हमेशा सामने से पीछे की तरफ पोंछने से बैक्टीरिया को यूरिनरी या वजाइनल एरिया में फैलने का रिस्क कम होता है.
