Vitamin D Deficiency: सोने के बाद भी रहती है थकान, विटामिन डी की कमी से जूझ्र रहा आपका शरीर

Vitamin D Symptoms: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर बंद कमरों और दफ्तरों में रहते हैं। ऐसे में एक बेहद जरूरी पोषक तत्व की कमी होने की आशंका बढ़ जाती है और वो है विटामिन डी। इसे कुछ लोग ‘सनशाइन विटामिन’ भी कहते हैं। यह विटामिन हमारे शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं, क्योंकि यह हड्डियों, दांतों और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) के लिए बेहद जरूरी है।
विटामिन डी कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे खनिजों को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है, जिससे हमारी हड्डियां मजबूत बनती हैं। इतना ही नहीं, यह हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाता है, मूड को बेहतर करता है और हृदय स्वास्थ्य को भी अच्छा रखने में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन डी की कमी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। आइए इसी के बारे में जानते हैं, साथ ही ये भी जानेंगे कि विटामिन डी को कैसे बढ़ाया जा सकता है।
इम्यून सिस्टम हो जाता है कमज़ोर | Vitamin D Symptoms
विटामिन डी की कमी के कई लक्षण हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। पहला, लगातार थकान और कमजोरी, भले ही आप 8 घंटे सोए हों। दूसरा, हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द, खासकर पीठ और जोड़ों में। तीसरा, बार-बार बीमार पड़ना, क्योंकि यह इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। चौथा, मूड स्विंग्स या अवसाद जैसी समस्या का सामना करना। पांचवां बालों का झड़ना और छठा, घावों का देर से ठीक होना। अगर किसी इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कमी के कारण और जोखिम | Vitamin D Symptoms
विटामिन डी की कमी कई कारणों से हो सकती है। पर्याप्त धूप न मिलना इसका सबसे बड़ा कारण है, लेकिन गहरे रंग की त्वचा, मोटापा, और पाचन संबंधी समस्याएं भी इसकी वजह बन सकती हैं। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और ऑफिस में लंबे समय तक रहने वाले लोग इस कमी के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। लंबे समय तक विटामिन डी की कमी रहने से ऑस्टियोपोरोसिस, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए इसकी सही मात्रा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
विटामिन डी की कमी को दूर करने के उपाय | Vitamin D Symptoms
विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए पहला उपाय है रोजाना 15-30 मिनट सूरज की रोशनी लेना, खासकर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच। दूसरा आहार में विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे फैटी मछली (सैल्मन, मैकेरल), अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड दूध और मशरूम, शामिल करें। तीसरा, डॉक्टर की सलाह पर विटामिन डी सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। चौथा, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण रखें, क्योंकि मोटापा विटामिन डी के अवशोषण को कम करता है।
सावधानियां | Vitamin D Symptoms
विटामिन डी की कमी को रोकने के लिए नियमित रक्त जांच (25-हाइड्रॉक्सी विटामिन डी टेस्ट) करवाएं। अधिक सप्लीमेंट्स लेने से बचें, क्योंकि इससे सेहत पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है। शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड खाद्य या सप्लीमेंट्स पर ध्यान दें। स्वस्थ जीवनशैली, जिसमें संतुलित आहार, सूरज की रोशनी और व्यायाम शामिल करें, ये विटामिन डी की कमी को रोक सकता है। अगर लक्षण बने रहें, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें।