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बेटी ने पूरे कर लिए उम्र के 15 साल, इन बातों को सिखाएं जिससे उनका जीवन रहे खुशहाल

Parenting Tips in Hindi: बेटियां घर की रौनक होती हैं। ऐसे में उनका पालन पोषण बेहद देखरेख के साथ किया जाता है। माता पिता बेटी को पढ़ाना भी चाहते हैं और आत्मनिर्भर भी बनाना चाहते हैं, इसके लिए वह  बेटी को घर के बाहर भेजते हैं। हालांकि लड़कियों की सुरक्षा आज के दौर में माता पिता के लिए सबसे चिंता का विषय होती है। इस दौरान उम्र बढ़ने के साथ ही बेटियों के जीवन में शारीरिक और मानसिक बदलाव भी होते हैं। यह वह समय होता है जब माता-पिता का साथ और सीख बेटी में आत्मविश्वास, नवाचार और जीवन के लिए सकारात्मक नजरिए की नींव रखने में सहायक होती है।

बेटी की परवरिश में सबसे अधिक ध्यान देने वाली उम्र 16 साल की होती है। आपकी 16 साल की बेटी इस आयु में बचपन से निकलकर युवावस्था में कदम रख रही होती है। ऐसे में माता पिता की भूमिका और जिम्मेदारी बढ़ जाती है। यहां कुछ जरूरी बातें हैं जो हर माता-पिता को अपनी 15-16 साल की बेटी को जरूर सिखानी चाहिए ताकि उसका भविष्य संवर जाए और जीवन खुशहाल बन सके।

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खुद की देखभाल करना सिखाएं | Parenting Tips in Hindi

इस बात को याद रखें कि बच्चा हमेशा माता-पिता के साथ नहीं रह सकता है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी बेटी के सपनों को पंख मिले और वह उड़ना सीखे तो उसे खुद की देखभाल करना सिखाएं। बेटी को लाड़-प्यार दें लेकिन समाज में कैसे रहना है, इसका तरीका बताएं। खुद का ख्याल, अपने स्वास्थ्य का ध्यान, रहन-सहन, खरीदारी करने का तरीका, पैसों को संभालकर खर्च करना आदि जरूर सिखाएं ताकि वह भविष्य के लिए तैयार रहें। चाहे पढ़ाई या नौकरी के लिए घर से बाहर जाना हो या शादी के बाद ससुराल की जिम्मेदारी उठाना हो, हर स्थिति के लिए वह तैयार रहेंगी। 

आत्मनिर्भर बनाएं | Parenting Tips in Hindi

बेटी को आत्मनिर्भर बनाएं। उन्हें सिखाएं कि जीवन जीने का तरीका क्या है। इस दौर में हर लड़की को आत्मनिर्भर होना चाहिए। ये अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वह बेटी को इसके लिए तैयार करें। अपने छोटे-छोटे कार्य खुद करने के लिए प्रेरित करने से लेकर सावधानी पूर्वक अकेले स्कूल जाने के लिए बेटी को तैयार करें। हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने के सात ही असफलता का सामना करने सिखाएं।

बेटियों को दें सोशल मीडिया के पूरी जानकारी | Parenting Tips in Hindi

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया का प्रभाव बहुत गहरा है। लेकिन जरूरी है कि वह यह समझे कि हर चीज जो दिखती है, वह सच्चाई नहीं होती। सोशल मीडिया की तारीफों से प्रभावित न होकर अपने अंदर की अच्छाइयों पर ध्यान दें। सोशल मीडिया के इस्तेमाल से लेकर इसपर कितना भरोसा करना है, तक की जानकारी बेटी को दें।

बेटियों से करें खुल कर संवाद | Parenting Tips in Hindi

बेटी को बेहतर राह दिखानी हो या गलत राह पर चलने से रोकना हो तो उनके साथ खुलकर संवाद करें। उन्हें खुद पर भरोसा दिलाएं कि वह हर तरह की बात आपसे कर सकती हैं और आप इसके लिए उनकी आलोचना नहीं करेंगे। जब बेटी अपने विचारों और सवालों को खुलकर अभिभावक से समक्ष रखती हैं तो माता पिता भी उनका सही मार्गदर्शन करते हैं। अगर वह कोई गलती करते हैं तो अभिभावक के सामने उसे बिना झिझक स्वीकार कर पाते हैं, और माता पिता उनकी परेशानियों को हल करने में मदद कर पाते हैं।

‘ना’ कहना सिखाएं | Parenting Tips in Hindi

हर लड़की को यह समझना जरूरी है कि अपनी असहमति जताना गलत नहीं है। चाहे वह दोस्ती हो, रिश्ते हों या सामाजिक दबाव, जहां जरूरत हो वहां “ना” कहने की हिम्मत जरूर होनी चाहिए।

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