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टेथर्ड कॉर्ड सिंड्रोम से पीड़ित बच्चे के लिए फरिश्ता बना ChatGpt, 17 डॉक्टर्स मान चुके थे हार

17 डॉक्टर्स के हार मान जाने के बाद चैटजीपीटी ने बच्चे के टेथर्ड कॉर्ड सिंड्रोम को पहचानने में मदद की। आइये जानते हैं इसके बारे में। 

कुछ दुर्लभ बीमारियां ऐसी होती हैं, जो कई बार डॉक्टर्स को भी कंफ्यूज कर देती हैं। ऐसे में डॉक्टर भी इन्हें ठीक तरह से डायग्नोस नहीं कर पाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां 17 डॉक्टर्स 3 साल तक भी बच्चे की एक दुर्लभ बीमारी को नहीं पहचान सके। दरअसल, ऐलक्स दांतों के दर्द से परेशान था, जिसके बाद 3 साल तक डॉक्टर इस बीमारी का पता नहीं लगा पाए। इसके बाद ऐलक्स की मां ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के टूल चैटजीपीटी की मदद ली और इस बीमारी के बारे में पता लग सका। 

चैटजीपीटी ने कैसे की मदद? 

दरअसल, डॉक्टरों के लगातार टेस्ट कराने और हर जगह से निराश होने के बाद मां ने चैटजीपीटी को बच्चे में दिख रहे लक्षणों के बारे में बताया और इस समस्या के बारे में पूछा। इसके बाद एआई के इस टूल ने बच्चे को टेथर्ड कॉर्ड सिंड्रोम (Tethered Cord Syndrome) बीमारी से पीड़ित बताया। चैटजीपीटी ने इसे एक प्रकार की दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी बताया। एलेक्स की मां के मुताबिक कोविड के दौरान उसे कुछ भी खाने के बाद चबाने में तेज दर्द होता था, जिसके बाद से उसे डॉक्टरों को दिखाया गया, लेकिन बीमारी के बारे में पता नहीं लग सका। 

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