Diwali 2025: हवा में घुल गया ज़हर! अभी कर लेंगे ये काम तो फेफड़ों पर नहीं पड़ेगा बुरा प्रभाव


Diwali 2025: दिवाली आने से पहले ही हवा में प्रदूषण की मात्रा तेजी से बढ़ने लगी है। पटाखों का शोर अभी दूर है, लेकिन आसमान में धुंध और हवा में ज़हर घुल चुका है। हर साल की तरह इस बार भी दिल्लीसहित एनसीआर में AQI खतरे के निशान से ऊपर जा चुका है। हर साल अक्टूबर–नवंबर के महीने में वायु प्रदूषण अपने चरम पर होता है। दिल्ली, मुंबई, जैसे शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से 500 के पार चला जाता है, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। ऐसे में अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो सांस संबंधी बीमारियों से लेकर गंभीर फेफड़ों की समस्याएं तक हो सकती हैं। अगर आप अभी से कुछ आसान उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो इस प्रदूषण से खुद को और अपने परिवार को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
फेफड़ों पर पड़ने वाला असर | Diwali 2025
प्रदूषित हवा सीधे फेफड़ों को प्रभावित करती है, जिससे खांसी और गले में खराश की समस्या हो सकती है। खराब हवा की वजह से सांस फूलने की समस्या हो सकती है। खराब और प्रदूषित हवा की वजह से फेफड़ों की क्षमता कमजोर होने लगती है जिस वजह से बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक खराब हवा के संपर्क में रहने से फेफड़े खराब होने लगते हैं।

फेफड़ों को बचाने के लिए करें ये काम | Diwali 2025
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-अपने फेफड़ों को हेल्दी बनाने के लिए घर से बाहर निकलने से पहले मास्क पहनें। N95 या N99 मास्क प्रदूषक तत्वों को रोकने में काफी असरदार होते हैं।
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-घर में एयर प्यूरिफायर लगाएं। अगर आपके शहर में AQI बहुत ज़्यादा है, तो घर के अंदर शुद्ध हवा बनाए रखना जरूरी है।
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-रोज़ाना भाप लेने से सांस की नली साफ रहती है और प्रदूषक जम नहीं पाते।
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-तुलसी, अदरक और हल्दी का सेवन करें। ये प्राकृतिक तत्व शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और फेफड़ों की रक्षा करते हैं।
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-हरा-भरा खानपान अपनाएं। विटामिन C और E से भरपूर चीजें (जैसे आंवला, नींबू, पालक) फेफड़ों को मज़बूत बनाते हैं।
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-अनुलोम-विलोम, कपालभाति जैसे प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाते हैं और शरीर को शुद्ध रखते हैं।




