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पीरियड्स में महिलाओं को अचार छूने से क्‍यों किया जाता है मना? जानें इस बात की सच्‍चाई

Periods Myth and Truth: महिलाओं के मासिक धर्म (पीरियड्स) को लेकर भारतीय समाज में कई तरह के मिथक प्रचलित है। उन्हीं सभी मिथों में से एक मिथ यह है कि पीरियड्स के दौरान अचार बिल्कुल भी छूना नहीं चाहिए, क्‍योंकि ऐसा करने पर वो सड़ने लगता है या आचार खराब हो जाता है। जब पहली बार पीरियड्स की शुरुआत होती है तो घर के बड़े बुजुर्ग पीरियड्स को लेकर कई सारे नियम कानून बताते हैं।

इन्‍हीं में से एक नियम है- पीरियड्स के दौरान आचार के डिब्बे को न छूने का। क्योंकि, ऐसे में आचार सड़ने लगता है। भारत में अधिकतर महिलाओं को इस तरीके के व्यवहार का शिकार होना पड़ता है। पीरियड्स के दौरान किचन में जाने की अनुमति नहीं दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान किचन में जाने, पौधा छूने या आचार छूने से सड़ने लगता है। महिलाओं को इन दिनों 4-5 दिन अकेले रखा जाता है। प्रेग्नेंसी या पीरियड्स को लेकर समाज में जितने भी मिथ हैं, आज हम उनके लॉजिकल तरीके से जवाब देने की कोशिश करेंगे।

क्या इसमें सच्‍चाई है या सिर्फ एक मिथ है?

शरीर से पीरियड्स के दौरान खराब खून निकलता है, जिस कारण बीमारियों और इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। इस दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए। पुराने जमाने में साफ-सफाई रखने के लिए कपड़े का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन स्वास्थ्य से जुड़ी स्वच्छता से जुड़ी इंफेक्शन को कम किया जाता है।

क्‍या पीरियड्स में अचार छूने से अशुद्ध हो जाता है?

यह एक पुरानी परंपरा है, जो आज भी कई स्‍थानों पर मौजूद है। खासकर भारत में कुलीन जाति-आधारित समुदायों में। अचार का जूस पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन में मदद कर सकता है। अचार के जूस में पोटैशियम और सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा अधिक होती है, जो मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन को कम करने में मदद कर सकता है। कुछ शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि जब यह जूस गले के पिछले हिस्से को छूता है तो मांसपेशियों की सजगता को सक्रिय करता है, जो ऐंठन की भावना को बंद कर सकता है।

पीरियड्स में स्वच्छ रहने के तरीके

इस दौरान जब शरीर से गंदा खून रिलीज होता है तो यह वेजाइनल इंफेक्शन का कारण बन सकता है। इसलिए, आपको किसी भी तरह के इंफेक्शन और बीमारी से बचने के लिए पैड या अन्य फेमिनाइन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे गंदा ब्लड शरीर के अन्य जगहों पर नहीं लगता है।

पीरियड्स के समय आपको रोजाना नहाना चाहिए। कोशिश करें कि दिन में करीब दो बार जरूर नहाएं।

साथ ही आपको फ्लो के हिसाब से भी समय-समय पर पैड बदलना चाहिए। हर छह घंटे में पैड या मेंस्ट्रुअल कप बदलें।

आपको खासतौर पर पीरियड्स के दौरान वेजाइना की अच्छे से सफाई करनी चाहिए।

पैड के इस्तेमाल और फेंकने के बाद अपने हाथ जरूर धोएं।

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