Parenting Tips: बच्चे की जिद करने की आदत कैसे छुड़ाएं? जानिए सबसे असरदार तरीका


Parenting Tips: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा समझदार बने, लेकिन कई बार खूब अच्छी पैरेंटिग करने के बाद भी बच्चे जिद्दी हो जाते हैं. ऐसे में पैरेंट्स की चिंता बढ़ जाती है. लाख कोशिश करने के बाद भी बच्चे जिद करने की आदत नहीं छोड़ते, जो माता-पिता के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. अब, आपके साथ भी ऐसा हो रहा है यानी आपका बच्चा भी छोटी-छोटी बातों पर रोने लगता है, गुस्सा करता है या अपनी बात मनवाने की कोशिश करता है, तो ये आर्टिकल आपके बड़े काम का साबित हो सकता है. यहां हम आपको कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें फॉलो कर आप बच्चों के जिद करने की आदत को छुड़ा सकते हैं. बच्चों की जिद बढ़ने के पीछे अक्सर माता-पिता की कुछ आम गलतियां होती हैं. अगर आप इन गलतियों को सुधार लें, तो बच्चा खुद ही जिद करना छोड़ देता है.
ना को हां में बदलना | Parenting Tips
पहली बड़ी गलती है ‘ना’ को ‘हां’ में बदल देना. कई बार माता-पिता किसी बात के लिए मना करते हैं, लेकिन बच्चा जिद करने लगता है तो अंत में उसकी बात मान लेते हैं. इससे बच्चे को यह सीख मिलती है कि जिद करने से उसकी इच्छा पूरी हो जाएगी. धीरे-धीरे वह हर बात पर जिद करना शुरू कर देता है. इसलिए अगर आपने किसी चीज के लिए मना किया है, तो शांत रहते हुए अपने फैसले पर टिके रहना बहुत जरूरी है.
‘जिद्दी‘ कहकर बुलाना | Parenting Tips
दूसरी गलती है बच्चे को बार-बार ‘जिद्दी’ कहकर बुलाना या दूसरों के सामने ऐसा कहना. जब हम बच्चों को इस तरह के लेबल देते हैं, तो वे खुद को वैसा ही मानने लगते हैं. बच्चे सोचने लगते हैं कि ‘मैं तो ऐसा ही हूं’, और उनका व्यवहार और ज्यादा जिद्दी हो जाता है. ऐसे में बच्चे को कभी भी जिद्दी कहकर न बुलाएं.
बहस करना या लंबी–लंबी सफाई देना | Parenting Tips
तीसरी गलती है जिद के समय बहस करना या लंबी-लंबी सफाई देना. जब बच्चा जिद करता है और माता-पिता उसे समझाने या बहस करने लगते हैं, तो बच्चा जिद पर अड़ा रहता है यानी इससे बच्चे को और प्रोत्साहन मिलता है. ऐसे में जिद के समय शांत रहें. बच्चे से बस इतना कहें, ‘मुझे पता है तुम नाराज हो, लेकिन इस बारे में हम कुछ नहीं कर सकते हैं.’ इसके बाद ज्यादा प्रतिक्रिया न दें. ऐसा करने से धीरे-धीरे बच्चा समझने लगता है कि जिद करने से न तो उसे आपकी ज्यादा अटेंशन मिलेगी और न ही उसकी मांग पूरी होगी. समय के साथ यह आदत अपने आप कम होने लगती है.





