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Seasonal Flu: बच्चे को लग गई है जाती हुई ठंड? आपको जरूर बरतनी होंगी ये सावधानियां

Seasonal Flu In Kids: बदलते मौसम में अक्सर यह सुनने को मिलता है कि बच्चों को ‘जाती हुई ठंड’ लग गई है। माता-पिता डर के मारे बच्चों को भारी-भरकम कपड़े पहना देते हैं, लेकिन यही सावधानी कभी-कभी बीमारी का कारण बन जाती है। डॉक्टर के अनुसार, तापमान बढ़ने के साथ ही वातावरण का ‘बायो-फ्लोरा’ बदलता है और कई नए वायरस एक्टिव हो जाते हैं। शादियों के सीजन में यात्रा और मेलजोल के कारण इंफेक्शन तेजी से फैलता है। अक्सर संक्रमण माता-पिता से ही बच्चों में पहुंचता है। जब तापमान बढ़ रहा हो, तब बच्चों को अत्यधिक कपड़ों में लपेटना उनके शरीर की गर्मी को बाहर नहीं निकलने देता, जिससे उनका चिड़चिड़ापन और बुखार कम होने के बजाय और बढ़ जाता है।

इंफेक्शन का खतरा और हाइजीन की अनदेखी | Seasonal Flu In Kids

10 में से 8 मामलों में वायरल इंफेक्शन पहले माता-पिता को होता है और फिर बच्चों को। बड़े अक्सर अपनी इम्यूनिटी के भरोसे सावधानी नहीं बरतते, जिससे बच्चा बीमार पड़ जाता है। इसके अलावा ‘ठंड न लग जाए’ इस डर से पेरेंट्स बच्चों को नहलाने या हाथ धोने से बचते हैं। हाइजीन में यह कमी इंफेक्शन के फैलने की रफ्तार को और बढ़ा देती है। ध्यान रखें जुकाम-खांसी और उल्टी-दस्त वाले वायरस इस मौसम में सबसे ज्यादा एक्टिव होते हैं।

बुखार में भारी कपड़ों का जोखिम | Seasonal Flu In Kids

इन दिनों तापमान अब 20-25 डिग्री सेल्सियस पार कर रहा है, फिर भी लोग बच्चों को थर्मल पहना रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार, एक्टिव बच्चों के शरीर में पहले ही बहुत हीट पैदा होती है। जब हम उन्हें मोटे कपड़े पहनाते हैं, तो उनके सिर से पसीना निकलता है और हाथ-पैर गर्म हो जाते हैं। बुखार की स्थिति में सबसे पहले बच्चे के कपड़े हल्के करें और थर्मल हटा दें। अक्सर एक-दो लेयर कम करने मात्र से ही बच्चे का चिड़चिड़ापन और तापमान बिना दवाई के ठीक हो जाता है।

हीट रैश और कपड़ों का सही चुनाव | Seasonal Flu In Kids

गर्मी और ऊनी कपड़ों की वजह से बच्चों में ‘हीट रैश’ यानी घमौरियों की समस्या बढ़ जाती है। अब ऊनी कपड़े और थर्मल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। इसके बजाय कॉटन (सूती) के कपड़ों की लेयरिंग का इस्तेमाल करें। अगर तापमान में गिरावट महसूस हो, तो सूती कपड़ों की एक से ज्यादा परतें पहनाना ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो सकता है। इससे शरीर की त्वचा सांस ले पाती है और पसीना जमा नहीं होता।

कितने कपड़े पहनाना है सही? | Seasonal Flu In Kids

अक्सर माता-पिता असमंजस में रहते हैं कि बच्चे को कितने कपड़े पहनाएं। इसके लिए डॉक्टर ने एक सरल नियम बताया है। डॉक्टर के अनुसार, “जितने कपड़े मां ने पहने हैं, बच्चे को उससे सिर्फ एक लेयर एक्स्ट्रा पहनाएं।” इस नियम का पालन करने से बच्चा न तो बीमार पड़ेगा और न ही उसे ओवरहीटिंग की समस्या होगी। इन सब के बावजूद भी अगर बच्चे को बुखार है तो आप अपने नजदीकी डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

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