Unseasonal Rain: बेमौसम बारिश है खतरनाक, बढ़ा देगी हेल्थ रिस्क


Unseasonal Rain: मिडिल ईस्ट में गैस फील्ड, तेल ठिकानों पर हमलों के बाद उठता काला धुआं अब सिर्फ एक मुल्क की कहानी नहीं, ये आबोहवा के बिगड़ते मंजर की ऐसी तस्वीर है, जिसमें बारिश भी राहत नहीं, आफत बन सकती है। यही वजह है कि अब चर्चा सिर्फ बम और बारूद की नहीं बल्कि उस ‘काली बारिश’ की भी हो रही है जिसमें कालिख, जहरीली गैस, एसिडिक सब्सटेंस और तेल जलने से बने खतरनाक कण घुलकर जमीन पर लौट सकते हैं। ऐसी बारिश आंखों में जलन, स्किन पर रिएक्शन, गले में खराबी और सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियां बढ़ा सकती है।
बेमौसम होने वाली बारिश है खतरनाक | Unseasonal Rain
बेमौसम होने वाली बारिश आपकी सेहत को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। तेल के जलने से जो फाइन पार्टिकल्स बनते हैं, वो फेफड़ों की गहराई तक पहुंचकर अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकते हैं, हार्ट पर दबाव पड़ सकता है, माइग्रेन, खांसी और सीने में जलन जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं। भारत के लिए अलर्ट इसलिए बड़ा है क्योंकि दुनिया अब मौसम, प्रदूषण और एयर फ्लो से जुड़ी हुई है। अगर जंग लंबी चली, तेल ठिकानों और जहाजों में आग का सिलसिला बढ़ा, तो उसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, हवा, समुद्री रूट, एनर्जी क्राइसिस, सब मिलकर हेल्थ रिस्क को और बड़ा बना सकते हैं।
क्या जंग का धुआं आने वाले दिनों में बीमारी की बारिश कर सकता है? क्या काली बारिश, जहरीली हवा से स्किन, आंख, फेफड़े, दिल, सब पर नया खतरा मंडरा रहा है? अगर ‘दुनिया का मौसम’ जंग से जख्मी होगा तो इंसान की सेहत कब तक महफूज रहेगी? इन सभी सवालों का जवाब तो वर्ल्ड लीडर्स ही दे सकते हैं। लेकिन इससे बचने के उपाय, खासकर जिस तरह मौसम भी पल-पल बदल रहा है, उसका समाधान हम आपको देंगे।
थाम लीजिए योग आयुर्वेद का हाथ | Unseasonal Rain
अगर आप अपनी सेहत को मजबूत बनाना चाहते हैं, इम्यूनिटी को बूस्ट करना चाहते हैं और शरीर को बीमारियों की चपेट में आने से बचाना चाहते हैं, तो आपको योग और आयुर्वेद का हाथ थाम लेना चाहिए। योग को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बना लीजिए और महज कुछ ही हफ्तों में आपको खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर महसूस होने लगेगा। इसके अलावा अपने डाइट प्लान में कुछ आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों को भी शामिल कर लीजिए।





