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Self Caring Tips: हर 30 मिनट पर वॉकिंग ब्रेक लेने से सेहत को क्या क्या फायदे हो सकते हैं?

Self Caring Tips: आज की डिजिटल दुनिया में हमारा ज्यादातर वक्त कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर बीतता है। लगातार घंटों बैठे रहना हमारी सेहत के लिए एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब इसे “सिटिंग डिजीज”कहने लगे हैं। इस समस्या का सबसे आसान और असरदार समाधान है हर 30 मिनट में 2 से 3 मिनट का एक छोटा सा वॉकिंग ब्रेक लेना। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि हर 30 मिनट पर वॉकिंग ब्रेक लेने से क्या क्या फायदे होते हैं। चलिए जानते हैं।

मेटाबॉलिज्म होता है बूस्ट | Self Caring Tips

जब आप लंबे समय तक बैठे रहते हैं, तो शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता धीमी हो जाती है और फैट जमा करने वाले एंजाइम्स सक्रिय हो जाते हैं। हर 30 मिनट में उठकर टहलने से आपका मेटाबॉलिज्म फिर से ‘स्टार्ट’ हो जाता है। यह छोटी सी गतिविधि ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और कैलोरी को बर्न करने में मदद करती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।

ब्लड सर्कुलेशन में सुधार | Self Caring Tips

लगातार बैठे रहने से पैरों में खून का फ्लो धीमा हो जाता है, जिससे ‘डीप वेन थ्रोम्बोसिस’ या नसों में सूजन का खतरा बढ़ जाता है। जब आप हर आधे घंटे में वॉक करते हैं, तो आपकी पिंडलियों की मांसपेशियां एक पंप की तरह काम करती हैं। इससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन और खून का फ्लो बेहतर होता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और दिल की बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है।

रीढ़ की हड्डी और जोड़ों के दर्द से राहत | Self Caring Tips

गलत पोस्चर में बैठना भी कई तरह के हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बनता जा रहा है। इसकी वजह से गर्दन, कंधों और पीठ के निचले हिस्से पर भारी दबाव पड़ता है। ऐसे में 30 मिनट का ब्रेक आपकी रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने का काम करता है। इससे मांसपेशियों की जकड़न दूर होती है और जोड़ों में लचीलापन बना रहता है।

ब्लड शुगर लेवल करे कंट्रोल | Self Caring Tips

खाने के बाद बैठकर काम करना या घंटों एक ही जगह बैठे रहने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। रिसर्च के मुताबिक जो लोग हर 30 मिनट में वॉक ब्रेक लेते हैं, उनके शरीर में इंसुलिन का लेवल बेहतर रहता है और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी काफी हद तक कम होता है।

मानसिक थकान होता है दूर | Self Caring Tips

लगातार काम करने से मानसिक थकान होने लगती है और प्रोडक्टिविटी घट जाती है। आधे घंटे बाद अपनी सीट से उठकर थोड़ा टहलने से माइंड में एंडोर्फिन और डोपामाइन जैसे ‘फील-गुड’ हार्मोन रिलीज होते हैं। यह छोटा सा ब्रेक आपके तनाव को कम करता है, मूड को फ्रेश करता है और फोकस बढ़ाता है।.

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