Lucknow: यूपी का पहला अंतरराष्ट्रीय बाल विकास केंद्र- माइंड राइज़ चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर
-अमेरिकी संस्था ऑम्नी हेल्थ केयर सर्विसेज़ से हुआ ऐतिहासिक सहयोग समझौता

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित विजय खण्ड में बुधवार को एक ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बना। माइंड राइज़ चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर (Lucknow, Mind Rise Child Development Center) का विधिवत उद्घाटन सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अष्टभुज प्रताप सिंह द्वारा सम्पन्न हुआ। यह केंद्र न्यूरोडेवलपमेंटल चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों को एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय पुनर्वास एवं विकास सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। उद्घाटन समारोह का सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब माइंड राइज़ चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर एवं संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिष्ठित स्वास्थ्य सेवा संस्था ऑम्नी हेल्थ केयर सर्विसेज़, USA के मध्य एक रणनीतिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग समझौते की औपचारिक घोषणा की गई।

इस अवसर पर ऑम्नी हेल्थ केयर सर्विसेज़ की ओर से रिचिका गुप्ता, आर्शिया एवं स्नेहल विशेष रूप से उपस्थित रहीं। तीनों प्रतिनिधियों ने माइंड राइज़ चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर की कार्यप्रणाली, उपचार पद्धतियों एवं भविष्य की योजनाओं का गहन अध्ययन किया। केंद्र के थेरेपी सत्रों, असेसमेंट प्रोटोकॉल एवं समावेशी शिक्षा मॉडल को प्रत्यक्ष रूप से देखने के पश्चात् ऑम्नी हेल्थ केयर की प्रतिनिधि टीम ने केंद्र के कार्य एवं दृष्टिकोण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मध्य हुई विस्तृत विचार-विमर्श में यह सहमति बनी कि माइंड राइज़ और ऑम्नी हेल्थ केयर मिलकर न केवल लखनऊ, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाल विकास सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेंगे। यह साझेदारी दोनों संस्थाओं की विशेषज्ञता, अनुभव एवं वैश्विक दृष्टि के समन्वय पर आधारित होगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह उत्तर प्रदेश के बाल विकास क्षेत्र में अपनी तरह की *पहली भारत-अमेरिका साझेदारी* है।
इस समझौते के अंतर्गत —
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– अमेरिकी विशेषज्ञ टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से लखनऊ के बच्चों के प्रकरणों की सीधी समीक्षा करेंगे
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– अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त न्यूरोडेवलपमेंटल असेसमेंट प्रोटोकॉल का स्थानीय क्रियान्वयन होगा
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– माइंड राइज़ के चिकित्सा कर्मियों को अमेरिकी मानकों पर सतत प्रशिक्षण दिया जाएगा
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– भारतीय बच्चों पर संयुक्त शोध एवं वैश्विक दस्तावेज़ीकरण किया जाएगा
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– दोनों संस्थाएँ मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाल विकास मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी
गंभीर है देश में बाल विकास विशेषज्ञों की कमी
केंद्र सरकार के आँकड़ों एवं विभिन्न शोध रिपोर्टों के अनुसार भारत में इस समय लगभग 1.8 करोड़ बच्चे ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से प्रभावित हैं, जबकि 2 करोड़ से अधिक बच्चे अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद देश में पुनर्वास परिषद भारत (RCI) से पंजीकृत विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या वास्तविक माँग का मात्र 12 प्रतिशत है। लखनऊ जैसे टियर-2 नगरों में विशेषज्ञ सेवाओं की प्रतीक्षा सूची 6 से 18 महीने तक की है, जो बच्चों के सर्वाधिक महत्वपूर्ण विकास वर्षों को सीधे प्रभावित करती है। माइंड राइज़ चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर इसी राष्ट्रीय संकट के समाधान की दिशा में एक सुनियोजित एवं दूरदर्शी प्रयास है।

एक छत के नीचे सात विशेषज्ञ सेवाएँ
केंद्र में स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, बिहेवियरल थेरेपी, स्पेशल एजुकेशन, अर्ली इंटरवेंशन, न्यूरोडेवलपमेंटल असेसमेंट तथा पेरेंट काउंसलिंग की सुविधाएँ एकीकृत रूप से उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञों का मत है कि शून्य से छह वर्ष की आयु बच्चे के मस्तिष्क विकास की सर्वाधिक संवेदनशील अवधि होती है। इस काल में उचित हस्तक्षेप से बच्चे की दीर्घकालिक क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार संभव है। केंद्र का अर्ली इंटरवेंशन कार्यक्रम इसी वैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है।
उद्घाटन अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि अष्टभुज प्रताप सिंह ने कहा, एक पुलिस अधिकारी की ज़िम्मेदारी समाज की रक्षा करना है। और समाज की सबसे निर्बल कड़ी वो बच्चे हैं जिन्हें सही समय पर सही सहायता नहीं मिलती। माइंड राइज़ जैसे केंद्र उस ज़िम्मेदारी को पूरा करने का सशक्त माध्यम हैं।” ऑम्नी हेल्थ केयर सर्विसेज़, USA की प्रतिनिधि रिचिका गुप्ता ने कहा, माइंड राइज़ की कार्यप्रणाली और इनका बच्चों के प्रति समर्पण देखकर हम अभिभूत हैं। यहाँ का vision और working pattern अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। यह साझेदारी दोनों देशों के बाल विकास क्षेत्र को एक नई दिशा देगी।
केंद्र की निदेशक डॉ. प्रीति कुरील ने कहा, हमारा संकल्प है कि लखनऊ का प्रत्येक ज़रूरतमंद बच्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर की बाल विकास सेवाएँ अपने ही शहर में प्राप्त कर सके। ऑम्नी हेल्थ केयर के साथ यह साझेदारी उसी संकल्प की आधारशिला है। प्रबंध निदेशक दिव्यांशु कुमार ने कहा, किसी बच्चे की पहचान उसकी चुनौतियाँ नहीं, उसकी असीमित संभावनाएँ हैं। ऑम्नी हेल्थ केयर के साथ मिलकर हम उन संभावनाओं को न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी स्थापित करेंगे।




