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Monsoon: बारिश में क्यों बढ़ जाता है जोड़ों का दर्द? जानिए कारण और बचाव के उपाय

Joint Pain In Monsoon: अक्सर देखा जाता है कि मानसून शुरू होते ही घुटनों, कंधों, कमर और टखनों में दर्द या अकड़न महसूस होने लगती है। खास बात यह है कि यह समस्या केवल अर्थराइटिस (गठिया) के मरीजों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कई स्वस्थ लोगों को भी बारिश के दौरान जोड़ों में दर्द की शिकायत होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में इस दर्द में कई वजहें इसके पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं। हालांकि, हर व्यक्ति में इसके कारण अलग-अलग हो सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि मानसून में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ता है, इससे राहत पाने के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बारिश के मौसम में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ जाता है?

  • वायुदाब में बदलाव: बारिश के मौसम में वायुदाब कम हो जाता है, जिससे जोड़ों के आसपास के ऊतकों में दबाव बदलता है। इसके कारण घुटनों और अन्य जोड़ों में दर्द और अकड़न बढ़ सकती है।

  • नमी बढ़ने का असर: मानसून में हवा में नमी अधिक होती है, जो मांसपेशियों और जोड़ों को प्रभावित करती है। इससे सुबह के समय जकड़न और असहजता ज्यादा महसूस होती है।

  • शारीरिक गतिविधि कम होना: बारिश के कारण लोग बाहर कम निकलते हैं और चलना-फिरना कम हो जाता है। लंबे समय तक बैठे रहने से जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है।

  • पुरानी चोट का असर: जिन लोगों के घुटनों या जोड़ों में पहले चोट लगी होती है, उन्हें मौसम बदलने पर ज्यादा दर्द महसूस होता है। पुरानी चोटें मौसम के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं।

  • मांसपेशियों में जकड़न: ठंडा और नम मौसम मांसपेशियों को सख्त बना देता है। इससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और दर्द की समस्या बढ़ जाती है।

राहत पाने के आसान उपाय

  • रोज हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करें।

  • शरीर को गर्म रखें।

  • गुनगुने पानी से सिकाई करें।

  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें।

  • वजन नियंत्रित रखें।

  • कैल्शियम, विटामिन D और प्रोटीन युक्त आहार लें।

  • पर्याप्त पानी पीते रहें।

  • दर्द लगातार बना रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि जोड़ों का दर्द कई दिनों तक लगातार बना रहे, सूजन बढ़ जाए, चलने-फिरने में परेशानी हो, जोड़ों में लालपन या गर्माहट महसूस हो, तेज दर्द के साथ बुखार आए या दर्द के कारण दैनिक काम प्रभावित होने लगें, तो तुरंत डॉक्टर या हड्डी रोग विशेषज्ञ से जांच कराएं। समय पर इलाज से गंभीर समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।

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