Symptoms of Dengue Fever: बारिश के मौसम में दिखें ये 15 लक्षण, तुरंत हो जाएं सतर्क

Symptoms of Dengue Fever: बारिश का मौसम अपने साथ कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। इनमें डेंगू सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है, जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। हर साल मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में तेजी देखने को मिलती है, क्योंकि जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन बढ़ जाता है। शुरुआत में डेंगू के लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में जरूरी है कि डेंगू के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न किया जाए। आइए जानते हैं डेंगू के प्रमुख लक्षण, बचाव के उपाय और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
डेंगू के प्रमुख लक्षण
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तेज बुखार (104°F तक)
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आंखों के पीछे तेज दर्द
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सिरदर्द और चक्कर आना
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शरीर और जोड़ों में तेज दर्द
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मांसपेशियों में दर्द
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त्वचा पर लाल चकत्ते
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मतली और उल्टी
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भूख कम लगना
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अत्यधिक कमजोरी और थकान
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पेट में दर्द
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नाक या मसूड़ों से खून आना (गंभीर स्थिति)
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प्लेटलेट्स तेजी से कम होना
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सांस लेने में तकलीफ (गंभीर मामलों में)
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लगातार उल्टी होना
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बेचैनी और अत्यधिक पसीना
डेंगू से बचाव के उपाय
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घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
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कूलर, गमले और टंकियों का पानी नियमित रूप से बदलें।
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पूरे बाजू के कपड़े पहनें।
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मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें।
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सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतें।
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घर में साफ-सफाई बनाए रखें।
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तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
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बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की दवा न लें।
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पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पिएं।
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आराम करें और समय-समय पर प्लेटलेट्स की जांच कराएं।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
डेंगू के कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि तेज बुखार के साथ बार-बार उल्टी हो रही हो, पेट में लगातार या तेज दर्द महसूस हो, सांस लेने में तकलीफ हो, नाक या मसूड़ों से खून आने लगे, पेशाब या मल में खून दिखाई दे, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस हो, या शरीर पर लाल चकत्तों के साथ प्लेटलेट्स तेजी से कम होने की पुष्टि हो, तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और सही इलाज मिलने से डेंगू की गंभीर जटिलताओं, जैसे सीवियर डेंगू और डेंगू शॉक सिंड्रोम, से बचाव संभव है। इसलिए किसी भी गंभीर लक्षण को हल्के में न लें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इलाज कराएं।




