Diabetes: खाने के बाद क्यों बढ़ जाता है शुगर लेवल, कैसे करें इसे कंट्रोल?

Diabetes: डायबिटीज को कभी उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। कम उम्र में भी ब्लड शुगर बढ़ने और डायबिटीज का खतरा देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इसका सबसे बड़ा कारण लोगों की गड़बड़ जीवनशैली है। घंटों बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि कम होना, नींद पूरी न होना और खानपान में लापरवाही जैसी आदतें मेटाबॉलिज्म पर असर डालती हैं और शरीर में फैट को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,सबसे बड़ी चिंता ये है कि डायबिटीज का खतरा हमेशा शरीर में किसी बड़े बदलाव के रूप में सामने नहीं आता है।
कई बार लोगों को इसका पता ही तब चल पाता है जब बीमारी शरीर के लिए खतरे बढ़ा चुकी होती है। डॉक्टर बताते हैं, रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें भी लंबे समय में ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती हैं। इनमें खाना खाने के बाद की दिनचर्या का सबसे बड़ा योगदान माना जाता है। भोजन करने के बाद तुरंत बैठ जाना या लंबे समय तक निष्क्रिय रहना ब्लड शुगर की दिक्कतों का बड़ा कारण हो सकता है।
खाना खाने के तुरंत बाद वॉक से मिल सकता है लाभ
अध्ययनों में पाया गया है कि भोजन के बाद हल्की शारीरिक गतिविधि खासकर वॉक, शरीर को ग्लूकोज का इस्तेमाल करने में मदद कर सकती है और खाने के बाद ब्लड शुगर में होने वाली बढ़ोतरी को कम करने में मदद मिल सकती है। स्पोर्ट्स मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित एक बड़े सिस्टेमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस से पता चलता है कि खाना खाने के तुरंत बाद सिर्फ 3 मिनट की हल्की फुल्की वॉक या सीढ़ियां चढ़ना आपके ब्लड शुगर लेवल को अचानक बहुत तेजी से बढ़ने से रोक सकता है। इसके लिए आपको जिम जाने या भारी एक्सरसाइज करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
अध्ययन में क्या पता चला?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आमतौर पर जब हम कुछ खाते हैं, तो हमारे शरीर को ब्लड शुगर पचाने के लिए इंसुलिन नामक हार्मोन की जरूरत होती है, लेकिन जब हमारी मांसपेशियां सिकुड़ती हैं (जब हम हिलते-डुलते या चलते हैं), तो वे बिना इंसुलिन के ही खून से सीधे ग्लूकोज (शुगर) सोखना शुरू कर देती हैं। इसी साल हुए मेडिकल ट्रायल में 30 वयस्कों को शामिल किया गया। उन्हें 75 ग्राम ग्लूकोज वाला ड्रिंक दिया गया। खाना खाने के बाद सिर्फ बैठे रहने पर लोगों का ब्लड शुगर 4.3 मिलीमोल प्रति लीटर बढ़ गया। वहीं, जिन्होंने अपनी मर्जी की सामान्य स्पीड से सिर्फ 1 मिनट सीढ़ियां चढ़ीं उनका ब्लड शुगर सिर्फ 2.5 मिलीमोल प्रति लीटर बढ़ा, यानी शुगर स्पाइक में 42% की बड़ी कमी आई।
ग्लूटो-4 ट्रांसपोर्टर सक्रिय हो सोख लेता है शुगर
दरअसल शरीर में ग्लूटो-4 नाम का एक ट्रांसपोर्टर होता है, जो मांसपेशियों के हिलने-डुलने पर तुरंत एक्टिव हो जाता है और शुगर को सोख लेता है। यही कारण है कि जिन लोगों का इंसुलिन सिस्टम ठीक से काम नहीं करता उनके लिए भी खाना खाने के बाद चलना तुरंत जादू की तरह काम करता है। खास तौर पर डायबिटीज के मरीजों पर यह तरीका बहुत कारगर है।



