Stomach Problem: क्या अजवाइन खाने से ठीक हो सकती है गैस की दिक्कत?


Stomach Problem: खान-पान में गड़बड़ी या फिर भारी भोजन करने के बाद पेट में दर्द, ब्लोटिंग और गैस की दिक्कत होना काफी आम है। इस तरह की दिक्कतों में दादी-नानी के नुस्खों में अजवाइन को बहुत फायदेमंद बताया जाता रहा है। अजवाइन एक कारगर औषधि हैं जिसके कई सारे स्वास्थ्य लाभ देखे गे हैं। इसमें थाइमोल सहित कई एक्टिव यौगिक पाए जाते हैं। अध्ययनों में इसे पाचन तंत्र की मांसपेशियों को आराम देने और गैस से जुड़े प्रभावों को कम करने में लाभकारी पाया गया है। पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए अक्सर लोग खाली पेट अजवाइन का सेवन या फिर इसका पानी भी पीते हैं। हालांकि सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर अजवाइन पेट की दिक्कतों में मदद कैसे करती है? आइए इस बारे में जान लेते हैं।
पेट को कैसे आराम देती है ये औषधि?
अजवाइन में थाइमोल नाम का प्रमुख यौगिक होता है। अध्ययनों में अजवाइन के कार्मिनेटिव और एंटीस्पास्मोडिक गुणों का जिक्र मिलता है। आसान भाषा में समझें तो इसका मतलब है कि इसके कुछ यौगिक आंतों में बनने वाली गैस और ऐंठन से जुड़ी परेशानी को कम करने में मददगार हो सकते हैं। प्रयोगशाला और पशु आधारित अध्ययनों में पाचन तंत्र की मांसपेशियों को आराम देने में भी इसके लाभ देखे गए हैं। यही वजह है कि पेट में भारीपन या गैस बनाने की समस्या में अजवाइन के सेवन से लाभ मिलता है।
गैस होने पर अजवाइन कैसे लें?
गैस या पेट में भारीपन होने पर आमतौर पर थोड़ी मात्रा में अजवाइन चबाकर या पानी के साथ ले सकते हैं। कुछ लोग अजवाइन का पानी भी पीते हैं। हालांकि अजवाइन का सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। बहुत ज्यादा मात्रा में लेने से पेट की दिक्कतें और बढ़ने का खतरा हो सकता है। जिन लोगों को पहले से सीने में जलन, एसिडिटी या पेट की संवेदनशीलता रहती है, उन्हें इसे लेने के बाद लक्षण बढ़ें तो इस्तेमाल रोक देना चाहिए।
गैस के कारणों को समझना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अजवाइन हल्की और कभी-कभार होने वाली गैस में राहत दे सकती है, लेकिन बार-बार होने वाली गैस में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। लगातार पेट फूलना, बार-बार अपच या सीने में जलन कई बार पाचन की दूसरी समस्याओं का संकेत हो सकता है। जिसका समय रहते जांच और इलाज जरूरी है। अगर पेट की परेशानी के साथ वजन कम हो रहा हो, निगलने में दिक्कत हो, मल काला दिखाई दे या लगातार उल्टी हो तो डॉक्टर से जांच करा लें।



