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Appendix: पेट के दाएं हिस्से में है दर्द, ये अपेंडिक्स तो नहीं?

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Appendix Risk Factors: आपने अपने आसपास किसी न किसी को अपेंडिक्स की समस्या से परेशान जरूर देखा होगा। ये एक आम बीमारी है जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी हो सकती है। अपेंडिक्स एक उंगली जैसे आकारनुमा थैली होती है, जो हमारी बड़ी आंत से जुड़ी होती है। प्रतिरक्षा प्रणाली में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है, ये आंतों में गुड बैक्टीरिया के भंडार के रूप में कार्य करती है। हालांकि इसका सटीक कार्य अब भी पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है।

शोध बताते हैं कि यह शरीर को संक्रमणों से लड़ने में मदद करती है और एक स्वस्थ आंत माइक्रोबायोम को बनाए रखने में भी भूमिका निभा सकती है। दिक्कत तब होती है जब अपेंडिक्स में कोई रुकावट या संक्रमण हो जाता है। इसके कारण आपको पेट में तेज दर्द हो सकता है और अगर समय पर इलाज न मिले तो यह फट भी सकता है, जिसके जानलेवा दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

अपेंडिसाइटिस और इसका खतरा | Appendix Risk Factors

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आजकल की गड़बड़ लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों के कारण अपेंडिक्स की समस्या पहले की तुलना में ज्यादा देखी जा रही है। जंक फूड्स, लो फाइबर वाली डाइट, पानी की कमी और पाचन संबंधी बीमारियां इसका प्रमुख कारण हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स कहती हैं कि हर साल दुनिया भर में लाखों लोग अपेंडिसाइटिस (अपेंडिक्स की सूजन) से पीड़ित होते हैं। अच्छी बात ये है कि समय रहते अगर सर्जरी कर दी जाए तो मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है।

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अपेंडिक्स की समस्या में क्या होता है? | Appendix Risk Factors

अपेंडिसाइटिस के कारण पेट के निचले दाहिने हिस्से में दर्द होता है, हालांकि ज्यादातर लोग इस दर्द को सामान्य या गैस की समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं। पर ये गंभीर स्थिति का कारण बन सकती है। अपेंडिसाइटिस की समय रहते पहचान के लिए इसके लक्षणों के बारे में जानना बहुत आवश्यक है। इसका दर्द अक्सर आपके ऊपरी पेट या नाभि वाले हिस्से में हल्के ऐंठन के साथ शुरू होता है जो बढ़ता जाता है। इसके अलावा खांसने-चलने आदि पर दर्द बढ़ जाता है। कुछ रोगियों को इसके कारण भूख में कमी, हल्का बुखार रहने, कब्ज-दस्त और पेट में सूजन बने रहने की दिक्कत भी बनी रहती है।

अपेंडिक्स का इलाज और बचाव | Appendix Risk Factors

डॉक्टर कहते हैं, अपेंडिक्स की समस्या पर समय रहते ध्यान दिया जाना चाहिए। यदि इसका समय पर इलाज न किया गया और अपेंडिक्स फट जाए तो इससे पेट में संक्रमण बढ़ने का जोखिम रहता है। अपेंडिसाइटिस को ठीक करने के लिए सर्जरी करके इसे निकालना ही उपचार है। अपेंडिक्स को हटाने के बाद एंटीबायोटिक्स दी जाती है जिसका कोर्स पूरा किया जाना चाहिए।

इस बीमारी को वैसे तो 100% रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ आदतें आपके जोखिमों को कम कर सकती हैं। फाइबर युक्त आहार जैसे साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दालें अधिक खाएं। दिनभर में कम से कम 2-3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। जंक फूड कम खाएं और पाचन तंत्र की सफाई के प्रोबायोटिक फूड जैसे दही आदि का सेवन करते रहें। कब्ज से बचना जरूरी है, इसके लिए नियमित व्यायाम और सही आहार आवश्यक है।

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