Brown या White Rice, डायबिटीज के मरीजों के लिए कौन सा चावल है बेहतर?

Brown rice Vs White Rice: डायबिटीज (मधुमेह) एक ऐसी समस्या है, जिसमें खानपान का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। जरा सी चूक भी ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। भारतीय भोजन में चावल एक मुख्य आहार है, और यही वजह है कि डायबिटीज के मरीजों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि, उनके लिए ब्राउन राइस और व्हाइट राइस में से कौन सा बेहतर है? यह एक आम सवाल है, क्योंकि दोनों ही चावल की अलग-अलग विशेषताएं होती हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए भोजन के ग्लाइसेमिक इंडेक्स और फाइबर की मात्रा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे में सही चावल का चुनाव न केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, बल्कि आपको पोषक तत्व भी प्रदान करता है। दोनों के पोषक तत्वों और ग्लाइसेमिक इंडेक्स (डीआई) में अंतर के आधार पर, आइए जानें कि डायबिटीज के लिए कौन सा चावल अधिक उपयुक्त है और इसे डाइट में कैसे शामिल करें।
क्या होता है ब्राउन राइस? | Brown rice Vs White Rice
सबसे पहले तो ये जानते हैं कि ब्राउन राइस होता क्या है? दरअसल, जब धान से उसका पीली परत वाला छिलका हटाया जाता है, तो हमें ब्राउन राइस मिलता है। इस प्रक्रिया में चावल का बाहरी छिलका (हस्क) तो हट जाता है, लेकिन इसकी भूसी (ब्रान) और बीज का अंदरूनी हिस्सा बरकरार रहते हैं। यही भूसी और जर्म परतें चावल को उसका विशिष्ट भूरा रंग देती हैं और उसे पोषक तत्वों से भरपूर बनाती हैं। इसे ही ब्राउन राइस कहते हैं। इसके विपरीत, जब सफेद चावल बनाया जाता है, तो इसी भूसी और जर्म परत को एक अतिरिक्त प्रक्रिया, जिसे पॉलिशिंग कहते हैं, के जरिए हटा दिया जाता है। चावल को अच्छे से पॉलिश किया जाता है ताकि वह सफेद और आकर्षक दिखे।

ब्राउन राइस | Brown rice Vs White Rice
ब्राउन राइस एक होल ग्रेन है, जिसमें चोकर और भूसी की परत नहीं हटाई जाती है। यह फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन बी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) 50-55 के बीच होता है, जो सफेद चावल की तुलना में कम है। कम जीआई का मतलब है कि यह शुगर लेवल को धीरे-धीरे बढ़ाता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होने की वजह से यह पाचन को बेहतर बनाता है, भूख को नियंत्रित करता है और कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्राउन राइस वजन प्रबंधन और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
सफेद चावल | Brown rice Vs White Rice
सफेद चावल को प्रोसेसिंग के दौरान पॉलिश किया जाता है, जिससे उसका चोकर और भूसी हट जाते हैं। इस प्रक्रिया में फाइबर, विटामिन्स और खनिज कम हो जाते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70-89 के बीच होता है, जो रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ाता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि यह इंसुलिन के लेवल को प्रभावित करता है। हालांकि, सफेद चावल आसानी से पच जाता है और हल्का होता है, फिर भी यह पोषण के मामले में ब्राउन राइस से पीछे है।

कौन सा चावल चुनें? | Brown rice Vs White Rice
विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्राउन राइस बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसका कम जीआई और उच्च फाइबर शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है। हालांकि, यदि सफेद चावल खाना ही हो, तो इसे कम मात्रा में और सब्जियों, प्रोटीन (जैसे दाल, चना) के साथ खाएं।