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Health Tips in Hindi: माइग्रेन का सता रहा है दर्द तो कैसे पाएं आराम? ये बदलाव देते हैं बड़े फायदे

Health Tips in Hindi: सिर में दर्द की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है, ये कई वजहों से हो सकता है। माइग्रेन भी इसी तरह का एक खास सिरदर्द है। इसमें दर्द अक्सर सिर के आगे वाले हिस्से, माथे या आंखों के आसपास महसूस होता है। इसके साथ जी मिचलाने, उल्टी और तेज रोशनी-आवाज से परेशानी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। माइग्रेन का अटैक कुछ घंटों से लेकर कई बार कई दिनों तक भी परेशान कर सकता है। इसमें दर्द इतना तेज हो सकता है कि रोजमर्रा के जरूरी काम करना और सामान्य रूप से देखना तक मुश्किल लगने लगता है। माइग्रेन को एक तरह का साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर माना जाता है, मतलब कई बार स्ट्रेस-एंग्जाइटी जैसे मनोवैज्ञानिक कारक शारीरिक लक्षणों को पैदा करते हैं या उन्हें और अधिक गंभीर बना देते है।

कुछ लोगों में ये समस्या आनुवंशिक कारणों से होती है। इसके अलावा आसपास का वातावरण और शरीर में होने वाले कुछ बदलाव भी इसे ट्रिगर कर सकते हैं। क्या आप भी माइग्रेन से परेशान रहते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मस्तिष्क में मौजूद कुछ रसायनों में बदलाव को भी माइग्रेन से जोड़कर देखा जाता रहा है। हालांकि अगर आप दवाओं के साथ कुछ सावधानियां और जीवनशैली में बदलाव करते हैं तो इसके दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।

माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाए तो क्या करें? | Health Tips in Hindi

माइग्रेन का दर्द होने पर सबसे पहले खुद को तेज रोशनी और शोर से दूर करें। किसी शांत और कम रोशनी वाले कमरे में कुछ देर आराम करना फायदेमंद हो सकता है। तेज रोशनी और आवाज कई लोगों में दर्द को और बढ़ा सकती है। कुछ लोगों को सिर या गर्दन पर ठंडी पट्टी रखने से भी राहत महसूस होती है। अगर सिरदर्द बार-बार होता है या बहुत ज्यादा परेशान करता है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि सही कारण पता चल सके और उचित इलाज मिल सके।

सिर की हल्की मालिश से मिल सकती है राहत | Health Tips in Hindi

कुछ लोगों को माइग्रेन के दौरान या उससे बचाव के लिए सिर की हल्की मालिश से आराम मिल सकता है। तनाव और सिर-गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव कुछ लोगों में सिरदर्द को बढ़ा सकता है। ऐसे में हल्के हाथों से मालिश करने से तनाव कम करने और आराम महसूस करने में मदद मिल सकती है।

नींद का रखें खास ध्यान | Health Tips in Hindi

नींद की कमी को माइग्रेन को बढ़ाने वाला माना जाता रहा है। बहुत कम सोना ही नहीं, बल्कि जरूरत से ज्यादा सोना या सोने-जागने का समय बार-बार बदलना भी कुछ लोगों में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। इसलिए रोजाना एक तय समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। रात में सोने से पहले मोबाइल और दूसरी स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें। दिन में कुछ समय प्राकृतिक रोशनी में बिताना भी नींद के नियमित चक्र को बनाए रखने में मदद कर सकता है। कुछ लोगों को थोड़ी देर की झपकी से भी आराम मिल सकता है।

तेज रोशनी से रहें बचकर | Health Tips in Hindi

माइग्रेन में तेज रोशनी से परेशानी होना आम बात है। इसे फोटोफोबिया कहा जाता है। अगर रोशनी से सिरदर्द बढ़ता है, तो घर या काम की जगह पर बहुत तेज बल्ब या रोशनी से बचें। कमरे में ब्लैकआउट पर्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाहर निकलते समय धूप का चश्मा पहनना और कंप्यूटर की स्क्रीन पर एंटी-ग्लेयर स्क्रीन का इस्तेमाल करना भी कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। इस तरह उन चीजों से बचना आसान होता है जो माइग्रेन के दौरे को बढ़ा सकती हैं।

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