Heart Attack: दिल का दौरा पड़ने पर क्या करें और क्या नहीं? यहां जानिए सबकुछ


Heart Attack: हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें कुछ मिनटों की सही या गलत कार्रवाई मरीज की जान बचा भी सकती है और खतरे में भी डाल सकती है। हार्ट अटैक आने पर अक्सर आसपास के लोग घबरा जाते हैं और पीड़ित व्यक्ति को होश में लाने के लिए पानी पिलाने लगते हैं। लेकिन क्या हार्ट अटैक के दौरान मरीज को पानी पिलाना सही है। आइये जानते हैं हार्ट अटैक आने पर क्या मरीज के मुंह में पानी डाल सकते हैं या नहीं?
हार्ट अटैक के दौरान शरीर में क्या होता है? | Heart Attack
हार्ट अटैक के समय दिल की मांसपेशियों तक खून की सप्लाई अचानक कम या बंद हो जाती है। इससे मरीज को सीने में तेज़ दर्द, घबराहट, सांस फूलना, पसीना आना, उल्टी जैसा लगना या चक्कर आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार मरीज बेहोशी की स्थिति में भी जा सकता है।
हार्ट अटैक में पानी पिलाना क्या सही है? | Heart Attack
हार्ट अटैक के दौरान मरीज को जबरदस्ती पानी या कोई भी तरल पदार्थ नहीं पिलाना चाहिए। इसके पीछे कुछ अहम कारण हैं। अगर आप हार्ट अटैक के दौरान मरीज को पानी पिलाते हैं तो इससे मरीज को उल्टी आ सकती है, जिससे पानी फेफड़ों में जाने (Aspiration) का खतरा रहता है। अगर मरीज की हालत बिगड़ जाए या वह बेहोश हो जाए, तो पानी गले में फंस सकता है। कई बार मरीज को तुरंत इमरजेंसी दवाइयों या एंजियोग्राफी की ज़रूरत पड़ती है, ऐसे में खाली पेट रहना जरूरी होता है।
कब दिया जा सकता है पानी? | Heart Attack
अगर मरीज पूरी तरह होश में है, बोल पा रहा है और डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल ने अनुमति दी हो, तभी बहुत सीमित मात्रा में पानी दिया जा सकता है। आमतौर पर इमरजेंसी के दौरान इससे बचना ही बेहतर है।
हार्ट अटैक के वक्त क्या करें? | Heart Attack
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-मरीज को शांत रखें और बैठी हुई अवस्था में रखें
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-तुरंत एंबुलेंस बुलाएं या नज़दीकी अस्पताल ले जाएं
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-अगर डॉक्टर ने पहले से एस्पिरिन चबाने की सलाह दी हो, तो ही दें
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-टाइट कपड़े ढीले करें
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-मरीज को अकेला न छोड़ें
हार्ट अटैक के वक्त क्या न करें? | Heart Attack
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-पानी, चाय, जूस या कोई घरेलू नुस्खा न दें
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-दर्द को गैस या एसिडिटी समझकर न टालें
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-देर न करें क्योंकि हर मिनट महत्वपूर्ण है
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-हार्ट अटैक के समय पानी पिलाना एक आम लेकिन खतरनाक भूल हो सकती है। सबसे सुरक्षित उपाय है मरीज को तुरंत मेडिकल मदद तक पहुँचाना। सही समय पर सही कदम ही जान बचा सकता है।




