Hypertension: ‘टेंशन’ की बीमारी है हाइपरटेंशन, जानिए इसके कारण


Hypertension: हाइपरटेंशन का नाम सुनते ही क्या आपके मन में भी सवाल आता है कि कहीं ये टेंशन की बीमारी तो नहीं है? जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है- हापर और टेंशन तो क्या ये बहुत ज्यादा टेंशन लेने की समस्या है? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाइपरटेंशन टेंशन की नहीं बल्कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को कहा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर को मेडिकल की भाषा में हाइपरटेंशन कहते हैं जो ‘साइलेंट किलर’ बीमारी है। शुरुआती दौर में इसके कोई खास लक्षण नहीं दिखते। व्यक्ति खुद को सामान्य महसूस करता है, लेकिन अंदर ही अंदर बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर शरीर के तमाम अंगों जैसे हृदय, मस्तिष्क, किडनी और तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचाता रहता है। अब आपके मन में भी सवाल होगा कि हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन क्यों कहा जाता है?
हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन क्यों कहते हैं? | Hypertension
हाइपरटेंशन शब्द हाइपर और प्रेशर दो शब्दों से मिलकर बना है। ये शब्द ग्रीक मूल से लिया गया है जिसमें हाइपर शब्द का मतलब ऊपर या अत्यधिक होता है जबकि टेंशन का अर्थ है रक्त वाहिकाओं में दबाव होता है। जिसका शाब्दिक अर्थ होता है रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाला अत्यधिक दबाव। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें धमनियों की दीवारों पर रक्त का दबाव लगातार बहुत अधिक होता है, जिससे हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। अगर ये समस्या लगातार बनी रहती है तो इसके कारण समय के साथ धमनियों को नुकसान पहुंच सकता है।
हाइपरटेंशन की दिक्कत आखिर होती क्यों है? | Hypertension
सामान्य तौर पर स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर करीब 120/80 mmHg माना जाता है, लेकिन जब यह लंबे समय तक 140/90 mmHg या उससे अधिक बना रहे, तो इसे हाइपरटेंशन कहते हैं। हाइपरटेंशन होने के कई कारण हो सकते हैं। ज्यादा नमक का सेवन, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड, शारीरिक गतिविधियों में कमी, मोटापा, धूम्रपान और शराब की आदत इस समस्या को बढ़ाने वाली मानी जाती है। इसके अलावा लगातार मानसिक तनाव, नींद की कमी और भागदौड़ भरी जिंदगी भी ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। कुछ लोगों में यह समस्या आनुवंशिक भी हो सकती है, यानी अगर परिवार में पहले से हाई ब्लड प्रेशर रहा है तो आपमें भी जोखिम बढ़ जाता है।
क्या है हाइपरटेंशन की पहचान? | Hypertension
हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण आमतौर पर शुरुआत में बहुत स्पष्ट नजर नहीं आते हैं। रक्त वाहिकाओं पर बढ़ रहे खून के दबाव के कारण समय के साथ आपको सिरदर्द, चक्कर आने, धुंधला दिखने, सीने में भारीपन, सांस फूलने और थकान जैसी समस्या महसूस हो सकती है। कई बार ये लक्षण नजरअंदाज कर दिए जाते हैं, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकते हैं।
इसे कैसे कंट्रोल किया जाए? | Hypertension
हाइपरटेंशन के लक्षणों की अगर समय रहते पहचान कर ली जाए तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच, संतुलित और कम नमक वाला आहार ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए सबसे जरूरी माना जाता है। इसके अलावा रोजाना हल्की एक्सरसाइज, वजन नियंत्रित रखना, तनाव कम करना भी इस समस्या के खतरे को कम करने में मददगार है। जिन लोगों के माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार को पहले से हाइपरटेंशन की दिक्कत रही हो उन्हें खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।





