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Infertility: भारत में हर 6 में से 1 कपल इंफर्टिलिटी से परेशान, जानिए कैसे होगा सुधार?

Infertility: लाइफस्टाइल, आहार में गड़बड़ी और पर्यावरणीय परिस्थितियों के चलते डायबिटीज, हृदय रोग, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां काफी आम होती जा रही हैं। देश में एक और बड़ी समस्या तेजी से उभर रही है, वह है इंफर्टिलिटी की दिक्कत। आंकड़े बताते हैं कि भारत में 10 से 15% कपल्स इनफर्टिलिटी यानी बांझपन की समस्या से प्रभावित हैं। हर 6 में से 1 कपल पर इसका असर देखा जा रहा है। खासकर शहरी इलाकों में लाइफस्टाइल में बदलाव और देर से विवाह के कारण ये दिक्कत और भी तेजी से बढ़ती जा रही है। इससे पुरुष और महिला दोनों ही प्रभावित हैं।  40-50% मामले खराब स्पर्म क्वालिटी को इसके लिए जिम्मेदार पाया जा रहा है। महिलाओं में पीसीओएस, थायरॉइड डिसऑर्डर, एंडोमेट्रियोसिस और अनियमित पीरियड्स इंफर्टिलिटी के प्रमुख कारण हैं। अब सवाल ये है कि बांझपन की बढ़ती दिक्कत को कैसे कम किया जा सकता है, क्या डाइट में सुधार से लाभ मिल सकता है?

देश में बढ़ती इंफर्टिलिटी की समस्या | Infertility

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इंफर्टिलिटी वह स्थिति है जब एक साल तक नियमित यौन संबंध के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लगभग 40% मामलों में पुरुष कारण होते हैं, 40% में महिलाएं और बाकी मामलों में दोनों या अज्ञात कारण जिम्मेदार होते हैं। समय पर जांच और सही जानकारी के अभाव में यह समस्या मानसिक तनाव, वैवाहिक संबंधों में दिक्कत और सामाजिक कलंक का कारण भी बनती है। तेजी से बदलती जीवनशैली इंफर्टिलिटी का एक बड़ा कारण है। जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, अधिक चीनी वाली चीजें और ट्रांस फैट से हार्मोनल संतुलन बिगाड़ता है, जो इंफर्टिलिटी का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।

क्या डाइट से ठीक होती है इंफर्टिलिटी? | Infertility

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इनफर्टिलिटी की समस्या को डाइट से ठीक नहीं किया जा सकता है, हालांकि कुछ खास खाद्य पदार्थ प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद जरूर कर सकते हैं।  इनमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिनस-माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे पोषक तत्व  हैं जो ओव्यूलेशन को बढ़ाते हैं या स्पर्म की क्वालिटी में सुधार करते हैं। हालांकि ये बांझपन का इलाज नहीं है। डाइट उन कारकों को ठीक करने में जरूर मददगार हो सकती है, जो बांझपन को बढ़ाने वाले होते हैं।

अखरोट खाना फायदेमंद | Infertility

कई अध्ययनों से पता चलता है कि अखरोट में मौजूद पोषक तत्वों में ऐसे गुण हो सकते हैं जो ओव्यूलेशन को बढ़ाते हैं और स्पर्म को स्वस्थ रखते है। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आपके गर्भधारण की संभावना को बढ़ाते हैं। अखरोट में विटामिन-ई भी होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है जो स्पर्म काउंट और मोटिलिटी (गति) बढ़ाने में मदद करता है। अखरोट और पुरुषों की फर्टिलिटी पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि तीन महीने तक रोजाना एक मुट्ठी (लगभग 42 ग्राम) अखरोट खाने से स्पर्म क्वालिटी में सुधार हुआ।

टमाटर को भी करिए डाइट में शामिल | Infertility

टमाटर विटामिन ए और सी का अच्छा स्रोत है। इनमें लाइकोपीन भी होता है, जो एक फाइटोकेमिकल है जो कई लाल फलों और सब्जियों को उनका रंग देता है। लाइकोपीन स्पर्म काउंट और मूवमेंट को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है।

खट्टे फल भी खाएं | Infertility

खट्टे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं, जो एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है। ये स्पर्म पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इनमें पॉलीमाइन भी अधिक मात्रा में होते हैं, ये ऐसे कंपाउंड हैं जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए प्रजनन प्रक्रिया के लिए जरूरी हैं।नींबू, संतरे, कीनू को डाइट में शामिल करके आप बेहतर स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं।

डेयरी उत्पाद आपके लिए लाभकारी | Infertility

अगर आप गर्भधारण करने की कोशिश कर रहे हैं तो डेयरी उत्पादों को भी आहार का हिस्सा बनाएं। इनमें विटामिन ए, ई और डी की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो अच्छी सेहत और प्रजनन स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए जरूरी है। इससे आपको जरूर कैल्शियम और प्रोटीन भी मिलता है जो शरीर को फिट और स्वस्थ रखने में मदद करता है।

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