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Karwa Chauth 2026: बीपी-शुगर की दवा लेने वाली महिलाएं कैसे रखें करवा चौथ का व्रत? जानिए

 Karwa Chauth 2026: करवा चौथ विवाहित महिलाओं के लिए सबसे खास त्योहारों में से एक है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, करवा चौथ के व्रत के साथ सभी महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर भी अलर्ट रहना चाहिए। करवा चौथ पर व्रत करने वाली कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जिन्हें रोज सुबह या शाम दवा लेनी पड़ती है। थायरॉइड की परेशानी हो या डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या कई दूसरी समस्याएं इसमें बिना गैप के दवा लेते रहना जरूरी होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दवा लेने वाले लोग करवा चौथ का व्रत रख सकते हैं? आइए इस बारे में जान लेते हैं।

पहले से बीमार लोगों के लिए व्रत

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को पहले से डायबिटीज-बीपी या किसी अन्य तरह की क्रॉनिक बीमारी है उन्हें अपनी सेहत को लेकर बहुत अलर्ट रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में बिना डॉक्टर की सलाह के व्रत न करें। रोज दवा लेने वाली महिलाएं कैसे व्रत कर सकती हैं, यह महिला की बीमारी और दवा के प्रकार पर निर्भर करता है। कुछ दवाएं खाली पेट लेनी होती हैं, जबकि कुछ को भोजन के साथ लेना जरूरी होता है। ऐसे में अपनी मर्जी से दवा छोड़ना, दवा का समय बदलना नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना और दवाओं का सही समय समझना जरूरी है।

रोज दवा लेने वाले व्रत से पहले क्या करें?

अगर आप रोजाना कोई दवा लेती हैं, तो व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से पूछें कि दवा का समय बदलना सुरक्षित है या नहीं? हर दवा का नियम अलग होता है। जैसे थायरॉइड की कुछ दवाएं खाली पेट लेने की सलाह दी जाती है, जबकि दूसरी दवाओं को भोजन के साथ लेना जरूरी होता है। कुछ दवाओं को खाली पेट खाने या बिना कुछ खाए पिए खाने से आपके लिए परेशान बढ़ सकती है। दवाओं में कभी भी खुद से गैप न करें या बिना डॉक्टर की सलाह के उसमें कोई बदलाव भी न करें। जिन लोगों को अक्सर हाई शुगर या हाई बीपी रहता है, उन्हें ज्यादा देर तक खाली पेट रहने या दवाओं में गैप करने से बचना चाहिए।

किन मरीजों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?

डायबिटीज के मरीजों में लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर कम या ज्यादा हो सकती है। वहीं इंसुलिन और कुछ अन्य दवाएं लेने वालों में शुगर कम होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे लोगों को नियमित रूप से दवाओं के साथ खान-पान पर भी विशेष ध्यान देते रहना जरूरी होता है। वहीं, हाई बीपी के मरीजों को दवा का नियमित सेवन और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच जरूरी है। अगर व्रत के दौरान चक्कर, कंपकंपी, ठंडा पसीना आने बेहोशी या बहुत ज्यादा कमजोरी हो, तो तुरंत डॉक्टर से सहायता लें।

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