Knuckle Cracking: उंगलियां चटकाने से हड्डियां होती हैं कमज़ोर! जानिए क्या कहती है स्टडी


Knuckle Cracking: हर वह व्यक्ति जो उंगलियों के जोड़ चटकाता है, उसने कभी न कभी यही चेतावनी सुनी होगी. ऐसा करते रहोगे तो हाथ बढ़ जाएंगे, जोड़ों में दर्द होगा और गठिया हो जाएगा. इस आदत को लंबे समय से नुकसान पहुंचाने वाली बात माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि उंगलियां चटकाने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. दरअसल, उंगलियां चटकाना एक आम आदत है जो कई लोगों में देखी जाती है, लेकिन क्या यह वास्तव में हानिकारक है? उंगलियां चटकाने से क्या होता है? चलिए आपको बताते हैं विज्ञान क्या कहता है?
चटकने की आवाज किस कारण आती है? | Knuckle Cracking
शोधकर्ता अब इस बात पर सहमत हैं कि उंगलियों, पैर की उंगलियों या अन्य जोड़ों के चटकने से आने वाली आवाज हड्डियों के घिसने या कार्टिलेज के टूटने के कारण नहीं, बल्कि गैस के कारण होती है. 2015 में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जब एक जोड़ को खींचा जाता है, तो उसके अंदर का दबाव अचानक कम हो जाता है. इससे सिनोवियल फ्लूइड, जो जोड़ों को चिकना बनाता है, तेजी से फैल नहीं पाता है और एक गैस-भरा कैविटी बन जाता है. यह प्रक्रिया ट्राइबोन्यूक्लेशन कहलाती है और यही आवाज का कारण है.
क्या उंगलियां चटकाने से नुकसान होता है? | Knuckle Cracking
एक आम मिथक यह है कि यह आर्थराइटिस का कारण बनता है, लेकिन शोध से पता चलता है कि ऐसा नहीं है. डॉनल्ड अनगर नामक एक डॉक्टर ने 50 वर्षों तक अपने बाएं हाथ के क्नकल्स को क्रैक किया और अपने दाएं हाथ को अछूता रखा. 2004 में उन्होंने पाया कि दोनों हाथों में आर्थराइटिस या जोड़ों की समस्याओं में कोई अंतर नहीं था. क्नकल्स क्रैकिंग के बारे में मिथक इसलिए बने रहते हैं, क्योंकि इसके पीछे का विज्ञान है और लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन शोध से पता चलता है कि उंगलियां चटकाने से कोई नुकसान नहीं होता है, बशर्ते आप इसे सही तरीके से करें.





