ग्रूमिंग टिप्सडाइट और फिटनेसपरवरिशपोषणवेब स्टोरीजस्पेशलिस्टस्वास्थ्य और बीमारियां
Trending

Mental Health: दिमाग को भी बीमार कर सकता है आपका गलत खान-पान! जानें कैसी रखें डाइट?

Mental Health: मानसिक सेहत का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है जितना शरीर को स्वस्थ रखना। अगर तनाव और चिंता जैसी समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो आगे चलकर यह अवसाद और दूसरी मानसिक परेशानियों का खतरा बढ़ा सकती हैं। हमारी मानसिक सेहत पर हमारी रोजमर्रा की आदतों का भी असर पड़ता है और इनमें खानपान की अहम भूमिका है। जब हम तनाव में होते हैं या किसी बात को लेकर परेशान रहते हैं, तो अक्सर नमकीन, मीठी या जंक फूड जैसी चीजें खाने का मन करने लगता है। उस समय ये चीजें थोड़ी देर के लिए अच्छा महसूस करा सकती हैं, लेकिन अगर इनका सेवन बार-बार और ज्यादा मात्रा में किया जाए तो सेहत पर उल्टा असर पड़ सकता है।

कुछ अध्ययनों में खराब खानपान और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बीच संबंध भी देखा गया है। आहार विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए खाने की प्लेट में पौष्टिक चीजों को जगह देना जरूरी है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे शरीर के साथ दिमाग के लिए भी फायदेमंद होती हैं। वहीं बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, कैफीन और शराब का सेवन तनाव और नींद से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकती है।

खानपान का मानसिक सेहत पर पड़ता है असर | Mental Health

हम क्या खाते हैं, इसका असर सिर्फ वजन, ब्लड शुगर या दिल की सेहत पर ही नहीं पड़ता, बल्कि मूड और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। संतुलित और पौष्टिक आहार शरीर को जरूरी पोषक तत्व देता है, जो दिमाग के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी होते हैं। फल-सब्जियां, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा से भरपूर खाना नियमित रूप से लेने से शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और दूसरे पोषक तत्व मिलते हैं।

वहीं बहुत ज्यादा मीठा, तला-भुना और पैकेज्ड खाना खाने की आदत वजन बढ़ने, मेटाबॉलिक समस्याओं और दूसरी स्वास्थ्य परेशानियों का खतरा बढ़ा सकती है। अगर आप अपने मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना चाहते हैं, तो खाने में सुधार करना जरूरी हो जाता है।

बहुत ज्यादा मीठा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट कम से कम खाएं | Mental Health

मीठी चीजें, मिठाई, बिस्किट और रिफाइंड आटे से बनी चीजें ज्यादा खाने की आदत शरीर के लिए अच्छी नहीं मानी जाती। इनसे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे उतार-चढ़ाव के कारण कुछ लोगों को थकान, चिड़चिड़ापन या बेचैनी महसूस हो सकती है। अगर आपको पहले से तनाव या चिंता रहती है, तो बहुत ज्यादा मीठा खाना आपकी परेशानी को और बढ़ा सकता है। इसलिए मीठा पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं, लेकिन इसकी मात्रा पर नजर रखना जरूरी है।

ज्यादा कैफीन से रहें सावधान | Mental Health

चाय और कॉफी ज्यादातर लोगों की रोज की जिंदगी का हिस्सा हैं। सीमित मात्रा में कैफीन लेना आमतौर पर समस्या नहीं माना जाता, लेकिन बहुत ज्यादा चाय, कॉफी या दूसरे कैफीन वाले पेय लेने से बेचैनी, घबराहट और नींद खराब होने जैसी दिक्कत हो सकती है। शाम या रात में ज्यादा कैफीन लेने से नींद प्रभावित हो सकती है।  जब नींद पूरी नहीं होती, तो अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव ज्यादा महसूस हो सकता है। इसलिए अगर आपको पहले से चिंता या नींद की परेशानी है, तो कैफीन की मात्रा कम रखें।

शराब से दूरी बनाना बेहतर | Mental Health

शराब पीने के बाद कुछ लोगों को थोड़ी देर के लिए तनाव कम महसूस हो सकता है, लेकिन ये तनाव और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का समय रहते पता चलने में बाधा बन सकती है। नियमित या ज्यादा शराब पीने से नींद खराब होती है और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। लंबे समय तक ज्यादा शराब का सेवन याददाश्त, ध्यान और सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए तनाव या चिंता से राहत पाने के लिए शराब का सहारा लेने के बजाय व्यायाम, अच्छी नींद और डॉक्टर की सलाह लें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button