स्वास्थ्य और बीमारियां

इन दुर्लभ और जानलेवा बीमारियों में नहीं दिखते लक्षण, दुनियाभर में फैली हैं ये Rare Disease

हमने दिल की बीमारी (Heart Disease), कैंसर (Cancer), डायबिटीज (Diabetes) और लिवर की बीमारियों (Liver Disease) के बारे में तो जरूर सुना होगा। मगर, ऐसी भी कई बीमारियां हैं, जिनके आपने नाम तक नहीं सुने होंगे। इन बीमारियों को दुर्लभ बीमारी (Rare Disease) कहते हैं। इस तरह की बीमारियां दुनिया में बहुत कम लोगों को होती हैं। यही कारण है कि कई बार ऐसी बीमारियों का सही इलाज भी नहीं मिल पाता है। इन बीमारियों को खतरनाक स्थिति में पहुंचाते हैं, इनके साइलेंट लक्षण। जी हां, कई बीमारियों में लक्षण या तो देरी से आते हैं या फिर इन्हें समझ पाना मुश्किल होता है।

सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल और प्रिवेंशन (Center of Disease Control and Prevention) के मुताबिक, ये रेयर डिजीज के कई प्रकार की हो सकती हैं। दुनिया भर में करीब 7,000 से अधिक ऐसी दुर्लभ बीमारियां हैं, जो करीब 400 मिलियन लोगों को हैं। इनमें से 80% बीमारियां आनुवंशिक कारणों से होती हैं और 50% बच्चों को प्रभावित करती हैं। इनमें से सिर्फ 5 प्रतिशत रेयर डिजीज का कोई इलाज है।

दुनिया में फैली रेयर डिजीज (Rare Disease in World)

थैलेसीमिया (Thalassemia)

थैलेसीमिया एक तरह का जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर है, जिसने शरीर में जरूरत के हिसाब से हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता है। ऐसी स्थिति में शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी होने लगती है, जिससे खून कम हो जाता है। इससे बच्चों के विकास पर बुरा असर पड़ता है।

डाउन सिंड्रोम (Down Syndrome)

डाउन सिंड्रोम में बच्चा अगर अतिरिक्त 21 क्रोमोसोम के साथ पैदा होता है तो बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर इसका असर पड़ता है। ये एक रेयर डिजीज है। पिछले कुछ सालों में डाउन सिंड्रोम के मामले काफी बढ़े हैं।

सिकल सेल एनीमिया (Sickle Cell Anemia)

ये ब्लड डिसऑर्डर है, जो जेनेटिक रेड ब्लड सेल डिसऑर्डर है। इसमें रेड ब्लड सेस्स कम होने लगते हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने में परेशानी होती है। आम तौर पर फ्लेक्जिबलए राउंड ब्लड सेल्स आसानी से ब्लड वेसेल्स में तैर पाते हैं। लेकिन, सिकल सेल एनीमिया में रेड ब्लड सेल्स का आकार खराब हो जाता है, जिससे ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज होने लगती है।

हिड्राडेनाइटिस सप्यूरेटायवा (Hidradenitis Suppurativa)

ये एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें शरीर के अलग-अलग हिस्सों में बम्प्स होने लग जाते हैं। यह बम्प्स कई बार काफी दर्दनाक भी हो सकते हैं। महिलाओं में ये बीमारी ज्यादा होने की संभावना रहती है।

पेम्फिगस (Pemphigus)

ये एक ऑटोइम्यून स्किन डिजीज है, जिसमें गले, मुंह या जेनिटल एरिया में घाव बन जाते हैं। ब्लिस्टर हो सकते हैं। किसी भी उम्र के लोगों को ये बीमारी हो सकती है। इस स्किन डिजीज का कोई स्थाई इलाज नहीं है। ट्रीटमेंट से सिर्फ इसे फैलने से रोका जा सकता है।

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