ग्रूमिंग टिप्सडाइट और फिटनेसपरवरिशपोषणवेब स्टोरीजस्पेशलिस्टस्वास्थ्य और बीमारियां
Trending

Vitamin D Deficiency: विटामिन डी की कमी से शरीर में दिखते हैं ये 8 संकेत, मत करें नजरअंदाज

Vitamin D Deficiency: विटामिन डी को ‘सनशाइन विटामिन’ भी कहा जाता है जो हमारे शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। विटामिन डी हड्डियों की मजबूती, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक हमारे देश की एक बड़ी आबादी इस विटामिन डी की कमी से जूझ रही है, जिसका मुख्य कारण बदलती जीवनशैली की वजह से धूप का एक्सपोजर कम होना है। विटामिन डी की कमी शरीर के लिए ‘साइलेंट अलार्म’ की तरह काम करती है, लेकिन इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि अक्सर लोग इन्हें रोजमर्रा की थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर इस कमी को समय पर पूरा न किया जाए, तो यह ऑस्टियोपोरोसिस, हृदय रोग और गंभीर कमजोरी का कारण बन सकता है। इसलिए आइए इस लेख में विटामिन डी के कमी के कुछ संकेतों के बारे में जानते हैं।

मांसपेशियों और हड्डियों में लगातार दर्द | Vitamin D Deficiency

विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण के लिए बहुत जरूरी है। अगर आपके शरीर में इसकी कमी है, तो हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है जिससे पीठ, घुटनों और कूल्हों में लगातार हल्का दर्द बना रहता है। मांसपेशियों में बेवजह खिंचाव और कमजोरी महसूस होना भी इसका एक प्रमुख शुरुआती संकेत है, जिसे अक्सर लोग उम्र बढ़ने का असर मान लेते हैं।

हर वक्त थकान और ऊर्जा की कमी महसूस होना | Vitamin D Deficiency

अक्सर ये देखने को मिलता है कि कुछ पर्याप्त नींद लेते हैं उसके बाद भी उन्हें सुबह उठने के बाद थकान महसूस होती है। विटामिन डी कोशिकाओं के भीतर माइटोकॉन्ड्रिया (कोशिका का पावरहाउस) की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।  इसकी कमी होने पर शरीर एनर्जी का मैनेजमेंट नहीं कर पाता, जिससे व्यक्ति को दिन भर भारीपन और सुस्ती महसूस होती है। रिसर्च के अनुसार, विटामिन डी के कम स्तर और थकान के बीच गहरा संबंध है।

बार-बार बीमार पड़ना (कमजोर इम्यूनिटी) | Vitamin D Deficiency

विटामिन डी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का मुख्य रक्षक है। यह शरीर को इन्फेक्शन पैदा करने वाले बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के लिए तैयार करता है।  अगर आप बार-बार सर्दी, जुकाम या फ्लू के शिकार हो रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है, जिसका मूल कारण विटामिन डी की कमी हो सकता है।

घाव भरने में देरी होना | Vitamin D Deficiency

सर्जरी या चोट लगने के बाद यदि घाव बहुत धीरे-धीरे भर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। विटामिन डी शरीर में नए ऊतकों के निर्माण और सूजन को नियंत्रित करने की प्रक्रिया को गति देता है। इस विटामिन की कमी से शरीर की रिपेयरिंग प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और चोट को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगता है।

अवसाद और उदासी | Vitamin D Deficiency

मस्तिष्क के उन हिस्सों में विटामिन डी रिसेप्टर्स मौजूद होते हैं जो हमारे मूड को नियंत्रित करते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि विटामिन डी की कमी से ‘सेरोटोनिन’ (हैप्पी हार्मोन) का लेवल गिर जाता है, जिससे बेवजह उदासी, चिंता और डिप्रेशन जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। अक्सर इसे सिर्फ मानसिक समस्या माना जाता है, जबकि इसका कारण शारीरिक पोषक तत्व की कमी होता है।

बालों का झड़ना | Vitamin D Deficiency

जब शरीर में विटामिन डी की भारी कमी होती है, तो हेयर फॉलिकल्स की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। विशेष रूप से महिलाओं में बालों का तेजी से गिरना या एलोपेसिया जैसे लक्षणों का सीधा संबंध विटामिन डी की कमी से पाया गया है। अगर बालों के महंगे ट्रीटमेंट काम नहीं कर रहे, तो एक बार विटामिन डी लेवल जरूर चेक कराएं।

अधिक पसीना आना और त्वचा का रंग फीका पड़ना | Vitamin D Deficiency

विटामिन डी की कमी का एक विचित्र लेकिन सटीक लक्षण है माथे पर बहुत अधिक पसीना आना। डॉक्टर अक्सर नवजात शिशुओं और वयस्कों में अत्यधिक पसीने को विटामिन डी की कमी के शुरुआती जांच के रूप में देखते हैं। इसके अलावा विटामिन डी की कमी से त्वचा बेजान और रूखी नजर आने लगती है, क्योंकि यह स्किन सेल्स के पुनर्जनन के लिए जरूरी है।

मसूड़ों से खून आना और दांतों की समस्या | Vitamin D Deficiency

दांतों की मजबूती के लिए भी विटामिन डी उतना ही जरूरी है जितना कैल्शियम। इसकी कमी मसूड़ों में सूजन और खून आने का कारण बन सकती है। दांतों में संवेदनशीलता और बार-बार होने वाली कैविटी भी शरीर में विटामिन डी की कमी की ओर इशारा करती है, जिसे अक्सर लोग सिर्फ ओरल हाइजीन से जोड़कर देखते हैं।कैसे करें इस कमी को पूरा?

विटामिन डी की कमी को दूर करने का सबसे आसान और प्राकृतिक तरीका रोजाना 15-20 मिनट सुबह की गुनगुनी धूप लेना है।  इसके अलावा डाइट में फैटी फिश, अंडे की जर्दी, मशरूम और फोर्टिफाइड दूध शामिल करें। हालांकि, गंभीर कमी होने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लेना ही सबसे बेहतर विकल्प है। हेल्थ एक्सपर्ट् के मुताबिक साल में एक बार अपना विटामिन डी टेस्ट जरूर कराना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button